सबसे पहले सारंगढ़िया, फिर विधायक : श्रीमती उत्तरी जांगड़े

मैने इस्तीफा देने का शब्द नही कहा तोड-मरोड़कर पेश किया जा रहा है मेरे बयान को।

माननीय मुख्यमंत्री पर पूर्ण विश्वास, जल्द बनायेंगे सारंगढ़ जिला।

जिला निमार्ण के लिये हर संभव कोशिश करूंगी।

 

*लक्ष्मी नारायण लहरे (कोसीर)
सारंगढ़। सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने अपने आपको पहले सारंगढ़िया और बाद में विधायक बताते हुए सारंगढ़ जिला के लिये हर संभव कदम उठाने की बात कहते हुए जिला नही बनने पर विधायक पद से इस्तीफा संबंधी खबर का खंड़न करते हुए कहा कि कुछ लोगो ने उनके भावनाओ और बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। उन्होने साफ साफ कहा कि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के ऊपर उनको पूरा विश्वास है कि सारंगढ़ को जल्द ही जिला का उपहार माननीय मुख्यमंत्री प्रदान करेगें। इस अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में विकास के लिये हर समय मुख्यमंत्री जी का आशीर्वाद मिलते आ रहा है तथा उम्मीद है कि उनके आशीर्वाद से ही यह क्षेत्र जिलामुख्यालय का स्वरूप धारण करते हुए मूलभूत विकास की ओर नया किर्तीमान बनायेगा।
उल्लेखनीय है कि रविवार को सारंगढ़ जिला निमार्ण के संदर्भ में आयोजित प्रेस कान्फ्रेस में सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने सारंगढ़ जिला निमार्ण पर दमदारी के साथ माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए सारंगढ़ अंचल के 5 लाख से अधिक रहवासियो की मंशानुसार सारंगढ़ जिला को पूर्ण कराने के लिये आशीर्वाद प्रदान करने के लिये पहल करने की बात कही थी, किन्तु प्रेसवार्ता के पश्चात जिला निर्माण और इस हेतु आंदोलन के लिये कुछ नेताओ के बीच हुई पद से इस्तीफा संबंधी चर्चा को कुछ व्यक्तियो के द्वारा विधायक के द्वारा इस्तीफा की चर्चा के साथ जोड़ दिया गया। जबकि वास्तविक रूप से प्रेसवार्ता में कही पर भी जिला नही बनाये जाने पर इस्तीफा की बात हुई ही नही थी। इस गलतफहमी के कारण से कुछ समाचार पत्रो मे इस आशय का आज समाचार प्रकाशित हुआ है कि 26 जनवरी तक जिला नही बनाये जाने पर विधायक श्रीमती उत्तरी जांगडे विधायक पद से इस्तीफा देगी। जबकि ऐसा कोई चर्चा वहां पर नही हुआ था।
श्रीमती उत्तरी जांगडे ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जैसे 15 अगस्त को गौरेला-पेड्रा-मारवाही को जिला का सौगात दिया गया है वैसे ही 26 जनवरी 2020 को सारंगढ़ जिला का भी सौगात माननीय मुख्यमंत्री प्रदान करें। मेरी इन्ही भावनाओ को प्रेस के साथी अन्यथा मे ले लिये। उन्होने साफ-साफ कहा कि वे पहले सारंगढ़िया है तथा बाद में विधायक है। एक आम सारंगढ़िया नागरिक होने के नाते सारंगढ़ के जिला निमार्ण नही होने पर हो रहे दु:ख को वे नजदीक से समझ रही है।
सारंगढ़ जिला निमार्ण मेरी प्राथमिकता होगी तथा सारंगढ़ जिला के लिये वे जी-जान लगाने से पीछे नही हटेंगी। उन्होने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आशीर्वाद हर समय उनको मिलते आ रहा है तथा क्षेत्र के विकास के लिये माननीय मुख्यमंत्री से मांगी गई हर कार्य की स्वीकृति को तत्काल मुख्यमंत्री महोदय प्रदान कर रहे है। ऐसे में सारंगढ़ जिला जैसे बड़े मांग को भी मुख्यमंत्री जी पूर्ण करेगें उनको विश्वास है। विपक्षी दल भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने कि 15 साल के कुशासन मे एक बाद भी भाजपा सरकार ने सारंगढ़ को जिला बनाये जाने की वकालत तक नही किया और पूर्व विधायक ने तो एक बार भी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखना उचित नही समझा था। ऐसे मे उनके द्वारा 25 जुलाई को सारंगढ़ जिला की मांग को रखने और और अब बिलाईगढ़ और चंद्रपुर के कांग्रेस विधायको का सारंगढ़ जिला के लिये सर्मथन मिलने से विपक्ष के पेट में दर्द शुरू हो गया है तथा वे अर्नगल प्रचार-प्रसार में लग गये है कि सारंगढ़ जिला किसी भी प्रकार से न बने जिससे उनको राजनितिक फायदा मिले। श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने साफ कहा कि वे सारंगढ़ जिला निमार्ण के लिये सारंगढ़ के जनता के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी तथा कांग्रेस पार्टी के निर्देश तथा मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल के आदेश का हर हाल मे पालन करते हुए क्षेत्र के विकास के लिये सतत् सक्रिय रहेगी।

By Soni Smt. Sheela

सम्पादक : प्रचंड छत्तीसगढ़, मासिक पत्रिका, राजधानी रायपुर से प्रकाशित। RNI : CHHHIN/2013/48605 Wisit us : https://www.pc36link.com

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