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Chhattisgarh

पोस्ट आफिस खुला , पर काउंटर रहा बंद !

किरीट ठक्कर
गरियाबंद। कभी देश के भीतर संचार व्यवस्था के सुदृढ माध्यम माने जाने वाले भारतीय डाक तार विभाग के डाक-घर अब अपनी गरिमा खोने के कगार पर है ! इंन्फ्रमेशन टेक्नालॉजी में आई क्रांति से आज हर व्यक्ति संचार के मामले में स्वयं सक्षम हो चुका है, अन्यथा पहले एक अदद चिठ्ठी का ईंतजार महिनों तलक किया जाता था।
भारत में पोस्ट आफिस के अपने मायने रहे और आम आदमी के बीच केन्द्रीय सरकार के इस दफ्तर ने गजब का विश्वास प्राप्त किया। अब चिठ्ठी पत्रियों का जमाना रहा नही, लिहाजा सरकार डाक घरों को प्राप्त जनमानस के विश्वास की पूंजी को बनाये रखने की कोशिश में पोस्ट आफिस में नई-नई सेवायें देने के प्रयास में है, इंडिया पोस्ट बैंक और अब उजाला योजना के तहत सिलिंग फैन, ट्यूब लाईट, बल्ब आदि की बिक्री पोस्ट आफिस के माध्यम से किया जाना है; किन्तु नगर में संचालित वर्षों पुराने पोस्ट ऑफिस से ग्राहक या फिर कहिये की जनमानस अब मायुस हो रहे है। इस आफिस के कर्मचारियों के रुखे व्यवहार, बदजबानी, और मनमानी की वजह से लोग बडी मुश्किल से इधर का रुख किया करते हैं, सोमवार नगर का पोस्ट ऑफिस खुला था, किन्तु कर्मचारियों ने काउंटर बंद की तख्ती लगा दी थी,
डाकघर मे लगी तख्ती , काउंटर बंद
जिससे लोग हलाकान हो रहे थे। कारण पूछने पर सीधे मुंह जवाब भी नही दिया जा रहा था। कई बार पूछने पर स्टाफ की कमी को काउंटर बंद का कारण बताया गया। स्थानीय वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारियों की पोस्ट ऑफिस पर सीधे कोई दखलअंदाजी नही होने के कारण इसके कर्मचारी मनमानी पर उतारु है।

कैसे होगा उजाला

राष्ट्रीय उजाला योजना के तहत प्रदेश के डाकघरों में ट्युब लाईट, बल्ब और पंखे की बिक्री प्रारंभ की जा रही हैं। उर्जा मंत्रालय के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनर्जी एफिसिंएसी लिमिटेड द्वारा ये उत्पाद देशभर के डाकघरों में उपलब्ध कराये जा रहे है। माना जा रहा है की वृहद पैमाने इन उत्पादों की बिक्री से राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की बचत होगी, किन्तु डाकघर के कर्मचारियों का रवैया ऐसा ही अनमना रहा तो दिल्ली बडी दूर ही रहेगी।

 

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