ढांड, टुटेजा, ढेबर, त्रिपाठी, और गुरुचरण जिन्हें भ्रष्टाचार के पांच पांडव कहा जा रहा है, इनके यहां पड़ी आईटी रेड का इनपुट ईडी और आईबी ने दिया था। एक बानगी इन नामों को पढ़ें तो आपको ऐसा लगेगा कि यह सभी सत्तर के दशक की किसी फिल्म में डॉन के वह गुर्गे हों जो कि बंदरगाह में दुबई से आने वाले स्मगलिंग किये गोल्ड की अफरातफरी में लीन हों…पर नहीं यह सभी विशुद्ध दल्ले हैं। सत्ता किसी की भी हो यह पांचों उसकी दलाली करने तत्काल पहुंच जाया करते हैं। क्योंकि इन्हें मालूम है भ्र्ष्टाचार की फंडिंग कैसे होती है।
करोड़ों के समाज कल्याण और नान घोटाले में लिप्त ढांड और टुटेजा जीवन भर रमन की मेहरबानी से अच्छी पोस्टिंग पाते रहे परंतु सत्ता परिवर्तन होते ही अमन सिंह को कोसते हुए वर्तमान सत्ता से यह कहते हुए चिपक गए की इतनी दहशत में जीते थे कि व्हाट्सएप कॉल में बात करना पड़ता था।
जोगी काल में जग्गी हत्याकांड से चर्चित ढेबर परिवार शहर में सूतक नाम से भी चर्चित है,यह नाम जिस किसी राजनेता से जुड़ता है उसका डूबना तय माना जाता है। वर्तमान में शराब, सट्टा, गांजे द्वारा करोड़ों रुपये प्रतिमाह काली कमाई और उगाही में यही परिवार लिप्त है।
अमन का ख़ास गुरुचरण रमन काल में बीजेपी नेता कहलाता था, दलाली के चक्कर में यह कब कहाँ और कैसे अचानक कांग्रेस नेता बन गया यह इसकी परछाई को भी पता नहीं चल पाया।
त्रिपाठी वैसे तो बीएसएनएल का कर्मचारी है,परंतु आबकारी का ओएसडी बन कर पर्दे के सामने और पीछे शराब की काली कमाई का खेल इसी को पता है। कहते हैं इसने अपना पूरा परिवार विदेश शिफ्ट कर दिया है।
आईटी छापे में आख़िर मिला क्या?
घुमंतू रिपोर्टर को शहर में एक भी शख्स ऐसा नहीं मिला जो कि इस छापे से मातम मना रहा हो,माहौल ठीक वैसी ही खुशी का था जब 2003 में जोगी की तथा 2018 में रमन की सरकार गयी थी।
विश्वस्त सूत्र बतलाते हैं कि छापे में भारी मात्रा में नगदी के अलावा विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।बेनामी जमीनों तथा अन्य संपत्तियों के दस्तावेज़।एक डायरी जिसमें बांटे जा रहे काले धन का विवरण नामों सहित है। हार्ड डिस्क जिसमें कॉल डिटेल्स हैं। हवाला गांजा सट्टे के कारोबार का सम्पूर्ण विवरण के अलावा अवैध हथियार तथा बिना बिलिंग के भारी मात्रा में इम्पोर्टेड सामान। विदेश यात्राओं का डिटेल तथा वहां पर किये गए हेवी इन्वेस्टमेंट का सबूत। देश भर में CAA NRC के विरोध के लिए प्रतिबंधित संगठनों को की गई फंडिंग का डिटेल।

By Soni Smt. Sheela

सम्पादक : प्रचंड छत्तीसगढ़, मासिक पत्रिका, राजधानी रायपुर से प्रकाशित। RNI : CHHHIN/2013/48605 Wisit us : https://www.pc36link.com

3 thoughts on “भ्रष्टाचार के पांच पांडवों के यहां पड़े छापे में क्या मिला? क्या गया? क्या हुआ ?”
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