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CAB का विरोध प्रदर्शन करते लोगों से थाने के इंस्पेक्टर ने खुलेआम कहा – “सीधे चीर दूंगा।”

राजधानी। नागरिकता संशोधन बिल (CAB) पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की छूट देता है। लोकसभा में सोमवार 9 दिसंबर को विधेयक 80 के मुकाबले 311 मतों से पास हुआ जबकि बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा में 125 वोट पड़ने से पास हो गया। संसद द्वारा मंजूरी प्रदान किए जाने से समूचे देश में इसका व्यापक असर, विरोध प्रदर्शन के जरिए सामने आ रहा है।

बता दें कि हाल ही में कैबिनेट ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है, अब विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा। इस बिल में गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देने की बात है। वहीं अवैध प्रवासियों की पहचान करके वापस भेजने का जिक्र है। गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया को बताया कि नागरिकता संशोधन विधेयक में धार्मिक उत्पीड़न के कारण पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आने वाले हिन्दू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसियों को नागरिकता देने का प्रावधान है, साथ ही अब मोदी सरकार एनआरसी को भी पूरे देश में लागू करना चाहती है।

मेघालय की राजधानी शिलांग में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर राजभवन के पास पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस के द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किए जाने की जानकारी मिल रही है, जिसके साथ यह भी कि अशांति फैलने के बाद 2 दिनों के लिए राज्य भर में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस. सेवाओं को बाधित कर दिया गया है। गौर करने वाली बात यह कि; CAB का विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों की गुरुवार शाम पुलिस की गोली से मौत हो गई।

वाराणसी में भी कुछ जगह प्रदर्शन के बीच एक वीडियो सामने आया है। जिसमें पुलिसकर्मी, प्रदर्शन कर रहे लोगों को धमकाते दिख रहा है।

कहा जा रहा है कि उक्त वीडियो वाराणसी के जैतपुर थाना क्षेत्र का है। यहां कुछ लोग प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे थे, इस दौरान एसएचओ शशि भूषण मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को धमकाते हुए कहा – “यह सब तमाशा बंद करो, रोड तुम्हारे बाप का नहीं; घर जाकर तो प्रोटेस्ट करो, नहीं तो चीर दूंगा।” जिस पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कहा हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं। लेकिन पुलिस अफसर ने उनकी एक न सुनी। बता दें नागरिकता संशोधन के तहत भारत के 3 पड़ोसी इस्लामी देशों पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना का शिकार होकर भारत की शरण में आए गैर मुस्लिम लोगों को आसानी से नागरिकता मिल सकेगी।

*प्रस्तुत समाचार, विभिन्न स्त्रोतों से संकलित अंशो का सार है।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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