रायपुर। ऐसा नहीं हर पुलिस वाला सिर्फ एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हो, हमारे छत्तीगसढ़ के पुलिस में भी फर्जी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट (कल्लूरी और उसके सहयोगी) हैं मगर बाकी के पुलिसकर्मी में भी एक से बढ़कर एक खूबियां हैं। विगत कुछ माह पहले थाना पुरानी बस्ती के सीएसपी कृष्ण कुमार पटेल की शादी में गरियाबंद के एएसपी सुखनंदन राठौर ने छत्तीगढिया गीत “ऐति जथाव त ओती जथास…” पर अपनी बेहतरीन डांस से सबको आश्चर्यचकित कर दिया था, वहीं अब इन्हीं पुलिसकर्मियों के बीच एक और ऐसा पुलिस कलाकार का नाम उभरकर सामने आया है जो अनोखे अंदाज में अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हैं।

मध्यप्रदेश के डांसिंग ट्रैफिक कॉप रंजीत सिंह के बाद अब राजधानी रायपुर के एक ट्रैफिक कॉप मोहम्‍मद मोहसिन शेख; सड़कों पर अपनी निराली अदा से यातायात नियंत्रण करते हुए इन दिनों नजर आ रहे हैं। जिनका कि एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

मोहसिन के ड्यूटी करने की उसके इस अंदाज से रेड सिग्नल पर खड़े राहगीर उनसे प्रभावित होकर हाथ भी मिलाते नजर आते हैं। इसे लेकर डीएसपी (यातायात) ने कहा – मुंबई-इंदौर में पुलिस; डांस के जरिए ट्रैफिक कंट्रोल करती है और लोग उसकी सराहना भी करते हैं। प्रयोग के तौर पर, राजधानी रायपुर में भी 10 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 10 मुख्य चौराहों पर तैनात होंगे। मोहसिन के इस निराले अंदाज ने हमे सोंचने पर मजबूर कर दिया है। इसे लेकर हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। साथ ही इससे हमारे पुलिस जवानों को फिट रहने में भी मदद मिलेगा।

मोहम्‍मद मोहसिन शेख ने हमें जानकारी देते हुए बताया कि उसको इस तरह यातायात नियंत्रण करने की प्रेरणा मध्यप्रदेश के यातायात नियंत्रक रंजीत सिंह से मिली है और ऐसा करने में उसे कोई झिझक महसूस नहीं होती बल्कि वे अपने कार्य को एक बखूबी मजे से अंजाम देते हैं।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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