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कानून के रक्षकों में आपसी भिड़ंत : दिल्ली।

दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प इतना विकराल रूप ले लिया कि मामला आगजनी और फायरिंग में तब्दील हो गई। इस घटनाक्रम में 10 पुलिसकर्मियो और वकीलों के घायल होने के आलावा 17 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
विभिन्न सूत्रों से मिल रही ख़बरों के मुताबिक एक वकील की कार, पुलिस की जेल वैन को छू गयी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। वकीलों और पुलिस में तनातनी के बाद मौहाल पैदा हो गया।
बार एसोसिएशन के सचिव जयवीर सिंह चौहान ने बताया कि “इसके बाद वकील को हवालात ले जाया गया जहाँ उसे बुरी तरह पीटा गया। थाना ले गए वकील को छुड़ाने मध्य और पश्चिमी जिले के जिला न्यायाधीश के साथ छह अन्य न्यायाधीशों भी गए थे; लेकिन वकील को नहीं निकलवा पाए।’’ न्यायाधीश जब जा रहे थे तभी पुलिसकर्मियों की और से फायर किया गया। जिसमे दो वकीलों को गोली लगने की सूचना है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि फायरिंग जैसी कोई घटना नही हुई है, सूचना मिली है कि पार्किंग की लेकर झगड़ा हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि पीसीआर वैन में भी आग लगा दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक, लॉक अप के बाहर तीसरी बटालियन की पुलिस और वकीलों के बीच झगड़ा हुआ है. तीसरी बटालियन कैदियों को कोर्ट लाने और ले जाने का काम करती है।
सीने और पैर में लगी है गोली, तो पत्रकार से भी की गई मारपीट
तीस हजारी कोर्ट के एडवोकेट पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए हैं, उनकी छाती में गोली लगी है। डॉक्टरों ने छाती के पास लगी गोली को निकाल दिया है, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है; फिलहाल वह आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं एक वकील को भी गोली लगने की पुष्टि की जा रही है। पुलिसकर्मियों ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी मारपीट की।
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए वकील
कॉर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन महावीर शर्मा और सेक्रेटरी जनरल धीर सिंह कसाना ने कहा कि वकीलों के साथ मारपीट और गोलीबारी के विरोध में चार नवंबर से दिल्ली की सभी अदालतों में कामकाज बंद रहेगा।
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष के सी मित्तल ने कहा, ‘हम तीस हजारी अदालत में पुलिस द्वारा वकीलों पर बर्बर और बिना किसी उकसावे के हमले की कड़ी निंदा करते है। एक वकील की हालत नाजुक है। हवालात में एक वकील को पीटा गया। पुलिस ने घोर लापरवाही दिखाई। उन्हें बर्खास्त करना चाहिए और उन पर मुकदमा चलना चाहिए। हम दिल्ली के वकीलों के साथ खड़े हैं।’
तीस हजारी कोर्ट में हुए हंगामें का ‘आंच’ कड़कड़डूमा कोर्ट तक पहुंच गई। वकीलों ने कड़कड़डूमा कोर्ट में भी जमकर बवाल किया। किसी तरह पुलिस ने मामला शांत कराया।

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