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“मुझे 50 करोड़ दो.. 72 घंटे के भीतर मोदी को मरवा दूंगा।” : तेज बहादुर यादव ! *देखिए वायरल वीडियो…

इश्क, जंग और राजनीति में क्या वाकई सब जायज है सेना के एक जवान ने जिसे सेना में व्याप्त अव्यवस्था (जली हुई रोटी और पानीयुक्त दाल परोसे जाने को लेकर वीडियो वायरल करने) के चलते बर्खास्त किया जा चुका है, इसी जवान ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर मोदी के खिलाफ राजनीति के जंग में ताल ठोका था; जिसका नामांकन रदद् किया जा चुका है से सम्बद्ध एक वीडियो इस दिनों सोशल मीडिया में बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो का सच क्या है यह तो कोई विशेषज्ञ ही साबित कर सकता है, लेकिन आपको यह बता दें कि उक्त वीडियो में बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव के द्वारा कहा जा रहा है कि “मुझे 50 करोड़ दो.. 72 घंटे के भीतर मोदी को मरवा दूंगा !” जी हाँ ये वही तेज बहादुर यादव है। जिसे आने वाले दिनों में हो सकता है किसी अनहोनी अथवा संकट का सामना करना पड़ सकता है।
इस विषय पर rig24.in में आशीष शर्मा लिखते हैं –
रायपुर। लोकसभा चुनाव 2019 में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनौती देने की तैयारी में लगे बीएसएफ से बर्खास्त तेज बहादुर का नया कारनामा समाने आया है। कुछ तकनीकी कारणों से मोदी के सामने समाजवादी पार्टी प्रत्याशी बनने से रह गए बर्खास्त तेज बहादुर यादव का इन दिनों दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
एक वायरल वीडियो में बीएसएफ से बर्खास्त फौजी अपने साथियों के साथ शराब पीते नजर आ रहा है। दूसरे वायरल वीडियो में तेज बहादुर यादव व उसके साथी 50 करोड़ रुपये मिलने पर पीएम नरेंद्र मोदी को 72 घंटे के अंदर मारने की बात कह रहे हैं।
वीडियो के वायरल होते ही समाजवादी पार्टी तेज बहादुर के बचाव में उतर आई तो दूसरी तरफ बर्खास्त फौजी तेज बहादुर ने शराब पीने की बात तो स्वीकार की लेकिन पचास करोड़ में पीएम मोदी को जान से मारने के मामले को साजिश करार दिया।

https://twitter.com/Shehzad_Ind/status/1125362023875764226?s=19

तेज बहादुर ने बताया कि ये वीडियो दिल्ली पुलिस के सिपाही पंकज शर्मा ने वायरल किया है और वीडियो भी उन्हीं के घर का है, अब ये इतनी नीचता पर उतर आए हैं, किसी का सहयोग करो वही पीठ में छुरा भोंक रहे हैं। दूसरे मनोहर लाल हैं, जिनके बुरे समय में मैंने मदद की, आज ये हमें ब्लैकमेल करना चाह रहे हैं। तेज बहादुर ने कहा कि जितने वीडियो बनाना है बना लो हमें किसी का डर नहीं है, क्योंकि हम अपनी जगह सही हैं।

तेज बहादुर ने पहले तो कहा कि दो साल पुराना वीडियो है जो उसके ही दगाबाज मित्रों ने चुपके से शूट किया था फिर दावा किया कि यह भाजपा की आइटी सेल की करतूत है। वीडियो में एडिटिंग की गई है। इसकी शिकायत दर्ज कराने के साथ ही जांच कराएंगे कि ऐसा किसने किया है। तेज बहादुर ने कहा कि निजी पलों से जुड़ा दो साल पुराने वीडियो को प्रचारित करना विरोधियों की हताशा दर्शा रहा है।

साथी संग जाम लड़ा रहे थे

एक वीडियो क्लिप में तेजबहादुर दिल्ली पुलिस के सिपाही पंकज व कुछ अन्य के साथ शराब पीते नजर आ रहे हैं।

भारत में कोई नहीं देगा, पाकिस्तान में दे देगा

दूसरे वायरल वीडियो क्लिप में पंकज और उसके साथी फौजी से पूछ रहे कि तुम्हे पचास करोड़ मिलेंगे तो क्या मोदी को मरवा दोगे। बर्खास्त फौजी की तरफ से जवाब मिलता है कि पचास करोड़ मिलेगा तो 72 घंटे में मोदी को मरवा देगा। उसके साथी कहते हैं कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। सवा सौ करोड़ लोगों के प्रधानसेवक हैं। भारत में तो कोई देगा नहीं पचास करोड़, पाकिस्तान में मिल जाएगा। एक साथी इसी दौरान दिल्ली के सीएम केजरीवाल से भी संपर्क करने की बात कहता है।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस वीडियो में तेज बहादुर यादव अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। तेज बहादुर यादव कुछ खा रहे होते हैं और तभी उनके सामने बैठा हुआ शख्स बोलता है कि एक सिपाही को इतनी नॉलेज नहीं हो सकती। तभी तेज बहादुर यादव बोलते नजर आते हैं।
तेज बहादुर यादव : मुझे पैसे दो और मैं मोदी को मार दूंगा।
दोस्त : तो तुम्हें मोदी को मारने में कोई दिक्कत नहीं है।
तेज बहादुर यादव : मुझे दो 50 करोड़ रुपए।
दोस्त : 50 करोड़ ? तुम्हें इतने पैसे भारत में तो मिलेंगे नहीं, हां लेकिन पाकिस्तान से मिल सकते हैं।
तेज बहादुर यादव : नहीं, मैं ऐसा काम नहीं करूंगा। मैं अपने देश के प्रति वफादार हूं. फिर पैसा मायने नहीं रखता।
दोस्त : अरे मैंने तो इसलिए ये सवाल पूछा कि तुमने अभी कहा कि तुम 50 करोड़ रुपए के लिए मोदी को मार सकते हो।
तेज बहादुर यादव : हां, लेकिन अपने देश से गद्दारी नहीं कर सकता हूं। मैं मारने के लिए तैयार हूं अगर कोई भारतीय मुझे इतने रुपए दे।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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