सर्चिंग के दौरान 1 करोड़ 70 लाख की रकम आई सपड़ में…

रायपुर। महासमुंद में 11 करोड़ कैश मिलने के बाद राजधानी में भी नोटों का जखीरा मिला है। पुलिस ने सर्चिंग के दौरान दोनों लोगों के पास से करीब पौने दो करोड़ रुपये नकद मिले हैं। पुलिस के प्रारंभिक पुछताछ में ये रकम हवाला के होने की जानकारी सामने आ रही है।
नए रायपुर एसएसपी आरिफ शेख के आमद के साथ ही उनके निर्देश पर पुलिस ने रूटिन सर्चिंग आपरेशन चलाया गया है, सर्चिंग के दौरान एक करोड़ 70 लाख रुपये की नकद राशि मिली है।

एएसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने इस मामले की जानकारी दी।

पुलिस के पुछताछ में पता चला है कि दोनों गुजराती कारोबारी है, जो देंवेंद्र नगर में रहते हैं। रकम के बारे में कोई भी कागजात नही दे पाए। सर्चिंग के दौरान कोतवाली पुलिस को ये कामयाबी मिली है। दोनों युवकों से पुछताछ के दौरान रकम लाने और ले जाने को लेकर पूछा गया और कागजात दिखाने को कहा गया, लेकिन उनके पास किसी भी तरह का कोई कागजात नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इतनी बड़ी रकम को ये दोनों गुजराती शख्स कारोबारी स्कूटी पर दो बड़े-बड़े बैग में ले जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस की इन पर नजर पड़ी। गिरफ्तार युवकों का नाम हर्षद उर्फ मुकेश कुमार और सागर देसाई बताया जा रहा है।
ज्ञात हो कि इसके पहले भी महासमुंद जिलान्तर्गत खल्लारी के पास 19 फरवरी को वाहन चेकिंग के दौरान एक कार से 11 करोड़ रूपए बरामद हुआ था जिसे आगरा स्थित ज्वेलरी कारोबारी का होना बताया जा रहा था, पतासाजी करने पर रकम और कार मालिक दोनों फरार बताया जा रहा है। उक्त प्रकरण में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही प्रकरण में जब्त रकम को आयकर विभाग में जमा करा दिया गया है।

*सूत्र।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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