*भरत सोनी।
रायपुर। बार कौंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर देश के समस्त अधिवक्ताओं के द्वारा दिनांक 12 फरवरी को दस सूत्रीय मांगों को लेकर देशव्यापी धरना, प्रदर्शन किया जाकर न्यायालयीन कार्य स्थगन किया जाएगा, सभी अधिवक्ता अपने न्यायालयीन कार्य से विरत रहते हुए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने के उपरांत प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे।
भारतीय विधिज्ञ परिषद के आह्वान पर देश के समस्त राज्य विधिज्ञ परिषद के पदाधिकारियों द्वारा अधिवक्ता हितों में यह निर्णय लिया गया है कि 12 फरवरी को पूरे देश भर में संयुक्त रूप से सभी अधिवक्ता अपने न्यायालयीन कार्यों से विरत रहेंगे। कोई भी अधिवक्ता किसी भी न्यायालयीन कार्य में शामिल नहीं होगा।
ज्ञात हो कि पूर्व में अधिवक्ता परिषद के पदाधिकारियों के द्वारा अधिवक्तागणों की विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, किंतु उक्त मांगों पर आज तक अधिवक्ता हित में कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिससे आक्रोशित पदाधिकारियो द्वारा देश भर में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करने का निर्णय लिया गया है। जिससे 12 फरवरी को छत्तीसगढ़ सहित देश भर में न्यायालयीन कार्य प्रभावित होगा।
अधिवक्तागण की दस सूत्रीय मांगों में अधिवक्ताओं के परिवार को 20 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज, भारत व विदेशी अस्पताल में मुफ़्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराया जाये, नये विधि व्यवसायी को 5 वर्ष तक 10 हजार रुपये तक स्टायफण्ड, अधिवक्ता पेंशन, अधिवक्ताओं के संरक्षण हेतु अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाये जाने, सभी अधिवक्ता संघ के लिए भवन, ई लायब्रेरी, ब्याज मुक्त होम लोन, वाहन व लायब्रेरी लोन, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम में संशोधन, विभिन्न अधिकरण, आयोग, फोरम, प्राधिकरण में अधिवक्ताओं की नियुक्ति, किसी आकस्मिक दुर्घटना व घटना से अधिवक्ता की मृत्यु होने पर उनके परिवार/आश्रित को 50 लाख रुपये का अनुदान राशि प्रदान किया जाये।

*(भरत सोनी, स्वतंत्र पत्रकार व अधिवक्ता वाणी के सम्पादक हैं।)

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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