रायपुर। बीजेपी कांग्रेस से ऊपर उठकर सोचिए? ये आरक्षण किसी को नहीं दिखता। बीजेपी की सूची में परदेशिया बनिया मारवाड़ी बाम्हन और राजपूत छाए…
बीजेपी ने 42 सामान्य सीटों में से 20 सीटों पर सवर्णों को टिकट दी गई है। छत्तीसगढ़ में सवर्ण की आबादी 6 प्रतिशत है। जिनको टिकट मिली है वो भी परदेशिया सवर्ण अधिक हैं। जबकि 22 सीटों पर ओबीसी को मौका दिया गया है। प्रदेश में 52 प्रतिशत ओबीसी हैं।
जातिवार

  • बनिया-मारवाडी 7
    गुजराती 1
    ब्राम्हण 6
    राजपूत 6

कुल 42 सामान्य सीटें घोषित सवर्ण 20
1. रोशनलाल अग्रवाल रायगढ़(बनिया)
2. अमर अग्रवाल बिलासपुर (मारवाड़ी)
3. गौरीशंकर अग्रवाल कसडोल (मारवाड़ी)
4. बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण (मारवाड़ी)
5. राजेश मूणत रायपुर पश्चिम(मारवाड़ी)
6. लाभचंद बाफना साजा (मारवाड़ी)
7. संतोष बाफना जगदलपुर (मारवाड़ी)
8. रजनी त्रिपाठी भटगांव
9. हर्षिता पांडेय तखतपुर
10. शिवरतन शर्मा भाटापारा
11. संतोष उपाध्याय राजिम
12. प्रेमप्रकाश पांडेय भिलाई(बिहारी)
13. राकेश पांडे वैशालीनगर (बिहारी)
14. देवजी भाई पटेल धरसींवा (गुजराती)
15. अनुराग सिंहदेव अंबिकापुर
16. रजनीश सिंह बेलतरा
17. सौरभ सिंह अकलतरा
18. संयोगिता सिंह चंद्रपुर (राजपरिवार)
19. अवधेश चंदेल बेमेतरा
20. रमन सिंह यूपी

अभी और सवर्णों को मिलेगी टिकट
21. महासमुंद विमल चोपड़ा (मारवाड़ी)
22. रायपुर उत्तर श्रीचंद सुंदरानी सिंधी

सवाल – 78 में से उन 58 प्रत्याशियों को टिकट दी गई है, जो पहले विधायक रह चुके हैं। यानि वंशवाद और परिवारवाद और व्यक्तिवाद। छत्तीसगढ़िया केवल झंडा और दरी उठाएंगे, उन्हें कभी टिकट नहीं मिलेगा। ओबीसी में साहू को 10, कुर्मी को 5, कलार को दो और लोधी, देवांगन, यादव, रजवाड़े और अघरिया को केवल 1-1 सीट दी गई है। जबकि प्रदेश में किसी एक जाति की जितनी आबादी (लोधी या यादव या देवांगन या अघरिया) की है, उतने तो सभी सवर्णों को मिलाकर नहीं है। फिर आरक्षण किसे मिल रहा है ओबीसी को या सवर्णों को ?
बीजेपी कांग्रेस से ऊपर उठकर छत्तीसगढ़िया बनकर अपने आने वाले पीढ़ी के राजनीतिक भविष्य के लिए सोचिए समझिए अभी समय है समझने और विचार करने का। सोचिए?

*डॉ. जनक राम सोनी।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

One thought on “सियासत में वंशवाद का घुलता ज़हर…!”

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