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महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ अवमानना याचिका…

बिलासपुर (hct)। समाज कल्याण विभाग के चर्चित NGO के नाम पर कथित एक हजार करोड़ के घोटाले मामले में एक याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर के वकील ने महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। इसके साथ ही महाधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक रंजन तिवारी समेत स्टेट बार काउंसिल के खिलाफ भी उन्होंने कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी है।

अवमानना याचिका की प्रति मय दस्तावेज (संलग्न) डाउनलोड करने / देखने के लिए क्लिक करें :

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कुंदन सिंह ठाकुर के वकील ने कहा है कि सतीश चंद्र वर्मा ने राज्य हितों के खिलाफ काम किया है। साथ ही महाधिवक्ता समेत उपमहाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता पर उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उन्होंने लॉ डिपार्टमेंट मैनुअल के नियम 8 समेत अधिवक्ता अधिनियम में पेशेवर और नैतिक दुराचार किया है।
अपनी याचिका में कुंदन सिंह ठाकुर के वकील ने कहा है कि समाज कल्याण विभाग घोटाले मामले पर पिछले साल सुनवाई के दौरान अदालत ने मुख्य सचिव को पक्षकार बनाने का आदेश जारी किया था; लेकिन महाधिवक्ता कार्यालय और स्टेट बार काउंसिल ने अपनी जिम्मेदारी ना निभाते हुए मुख्य सचिव कार्यालय में नोटिस नहीं भेजवाया। मामले में कब सुनवाई होनी है यह अभी तय नहीं है। केस की लिस्टिंग अभी नहीं हुई है, संभावना है कि जल्द सुनवाई की जाएगी।

विदित हो कि समाज कल्याण विभाग में निशक्तजन संस्थान के नाम पर एक संस्था बनाई जिसमें एक मंत्री सहित कई IAS अधिकारी सम्मिलित रहे हैं। जिसमें करोडों रुपये के घोटाले का आरोप प्रार्थी कुंदन सिंह ठाकुर ने लगाया था। कुंदन सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उनके जैसे कई कर्मचारियों के नाम सैलरी निकाली जा रही थी, जबकि कुंदन सिंह ठाकुर विभाग में नौकरी करते ही नहीं थे।

मामले में पिछले साल सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने सीबीआई को 7 दिनों के अंदर FIR दर्ज करने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद राज्य के अफसरशाहों में हड़कंप मच गया था। मामले में भोपाल में सीबीआई ने एक FIR भी दर्ज की थी, हालांकि मामले में एक पक्षकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। जिसके बाद कोर्ट ने सीबीआई कार्रवाई पर रोक लगा दिया था, मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।

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