HCT: वाराणसी। जब से लॉक डाउन लगा है इस देश मे तब से कालाबाजारी व जमाखोरी की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार आपस मिलकर जनता को राहत पहुचाने के लिए अलग अलग तरीके से प्रयास कर रही है।

कही केंद्र सरकार सामान की पूर्ति में जुटी हुई है तो वही राज्य सरकार के आला अफसरों ने भी कमर बांध ली है। तमाम कलेक्टर एसएसपी व बड़े अधिकारी इस महामारी से निजात दिलाने में लगे है। तो कई जिलों में कलेक्टर ने आदेश जारी करके फल सब्जी व राशन के मूल्यों को निर्धारित कर दिया है।

इसी सब से जुड़ा हुआ एक वाक्या आपके सामने है जब स्वम जिला प्रशासन हो तत्पर:-

ग्राहक : आटा कैसे किलो है ..?दुकानदार : जी 50 रुपये किलो,

ग्राहक : इतना महंगा क्यो दे रहे हो भैया, अभी तो DM साहब बोले हैं कि 30 रुपये किलो है आटा…..

दुकानदार : तो जाइये आप DM साहब से ही खरीद लीजिए।

ग्राहक : अच्छा चावल कैसे किलो है ..?

दुकानदार : चावल 60 रुपये किलो ….

ग्राहक : भैया बहुत महंगा दे रहे हो, कुछ कम कर दो…

दुकानदार : अब आप जाकर DM साहब से ही खरीदिए, हम इससे कम में नहीं दे पाएंगे।

अब दुकानदार को क्या पता था कि सामने वाले ग्राहक DM, वाराणसी और SSP, वाराणसी हैं, जो उन्ही जैसे दुकानदारों के लिए भेष बदलकर मार्केट में सब्जी, फल राशन आदि खरीद कर भाव पता कर रहे थे। फिर क्या होना था सच जानते ही दुकानदार के होश उड़ चुके थे और गिरफ़्तार कर थाने पहुंचा दिए गये…

DM – कौशल राज शर्मा

SSP-प्रभाकर चौधरी

दरअसल इन फोटोस में दिखाई दे रहे शक्स महानगर वाराणसी के DM व SSP है जो बाजारों में घूम घूम कर दुकानदारो की पोल खोल रहे है एवम जनहित में तत्काल कारवाही कर रहे है।बस ऐसे ही ये अफसर तत्पर रहे तो जल्द ही महामारी की समस्या से सभी को राहत मिलेगी।

By Vineet Sharma

2017 से पत्रकारिता की शुरुआत की, पढ़ना और लिखना शौक,त्वरित घटनाक्रम,राजनीतिक एवं शैक्षिक गतिविधियों पर सहजता और सटीकता से समाचार लेखन, राष्ट्रीय डिजिटल मीडिया NEWJ के लिए सिटी रिपोर्टिंग की भी जिम्मेदार, रायगढ़ जिले में हाईवे क्राइम टाइम के जिला ब्यूरो चीफ के पद पर नियुक्त।

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