छजका प्रत्याशी का सघन जनसम्पर्क

गरियाबंद। विधानसभा चुनाव के दुसरे चरण की मतदान तारीख नजदीक आते आते अब राजनैतिक दलों के प्रत्याशीयों का प्रचार भी तेज होने लगा हैै। भाजपा प्रत्याशी संतोष उपाध्याय का प्रचार अर्बन एरिया में अधिक और ग्रामीण अंचल में कम नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रचार के मामले में पिछड रही है, इधर जनता कांग्रेस जे के युवा प्रत्याशी रोहित साहू ने बुधवार नगर भ्रमण करते हुये सघन जनसम्पर्क कर लोगों से अपने लिए समर्थन मांगा। रोहित साहू के साथ बडी संख्या में कार्यकर्ता भी थे।
  5 नवंबर नाम वापसी के बाद राजिम विधानसभा में निर्दलीय सहित कुल 12 प्रत्याशी मैदान में है जिनमे भाजपा के संतोष उपाध्याय (कमल) छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे के रोहित साहू ( हल चलाता किसान) कांग्रेस के अमितेश शुक्ल (हाथ) कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मा-ले रेडस्टार) से कामरेड तेजराम विद्रोही (ट्रेक्टर चलाता किसान) गोंगपा के परदेशी राम ध्रुव (आरी) पिछडा समाज पार्टी से फलेन्द्र कुमार साहु (सीटी) भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के भुषण साहु (बांसुरी) आप से राजा ठाकुर (झाडु) निर्दलीय गणेश सोनी (कैंची) निर्दलीय गोपाल जेठी (एयरकंडीशनर) देवराज ठाकुर (आटो रिक्शा) विश्वनाथ सोनवानी (आलमारी) चुनावी मैदान में डटे हुये है।
         अब तक प्राप्त रुझान के अनुसार राजिम विधानसभा में मुख्य मुकाबला भाजपा के संतोष उपाध्याय, जनता कांग्रेस (जे) छत्तीसगढ़ के रोहित साहू व इंडियन नेशनल कांग्रेस के अमितेश शुक्ल के बीच होगा।
इनमें संतोष उपाध्याय जहॉ विधायक है वही अमितेश शुक्ल पूर्व विधायक व मंत्री रह चुके है। रोहित साहू ने अपनी राजनैतिक पारी की शुरुवात सरपंच रहते की है जिसके बाद वे फिंगेश्वर ब्लाक सरपंच संघ के अध्यक्ष रहे और अब विधायक प्रत्याशी के रुप में चुनावी समर में है।
राजिम क्षेत्र के ग्राम गाडाघाट, कुरुद, सॉकरा साथ ही बिरोडार के ग्रामीण मतदाता अब अपनी मंशा अभिव्यक्त कर रहे हैं, जिससे लग रहा है की इस विधान सभा की चुनावी फिजॉ बदल सकती है।

*किरीट ठक्कर।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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