“परित्राणाय साधुनाम” छत्तीसगढ़ पुलिस का यह सूत्र वाक्य है।
श्रीमद भगवत गीता से उद्धृत इस वाक्य का अर्थ होता है “साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए” छत्तीसगढ़ पुलिस अपने कर्तव्य से भटक गई है और अब वह बर्बरता पर उतारू हो चुकी है, वह उत्तर प्रदेश की पुलिस का अनुसरण कर रही है। हालाँकि देश-प्रदेश पर कोरोना नामक महामारी की सम्भावना के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से लॉक्ड डाउन के प्रतिपालन में है फिर भी जरुरत के मुताबिक किसी न किसी को बाहर निकलना ही होता है। इसी सुरक्षा के एहतियातन देश भर में तैनात पुलिस वालों के कर्तव्यपरायणता भी सामने आ रही है। लाकडाउन के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से देश के कुछ राज्यों से पुलिस महकमे के त्याग और सेवा भावना के साथ खौफनाक चेहरा सामने आ रहा है।
“कोरोना” महामारी से लोग जब मरेंगे तब मरेंगे; लेकिन “पुलिसिया” मार से तो हाल फ़िलहाल मारे ही जा रहे हैं! 

रायपुर। जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ की पुलिस अपना आपा खो बैठी है। समूचे देश में लॉक्ड डाउन का फरमान जारी हुआ है न कि कर्फ्यू लागु किया गया है। न जाने पुलिस महकमे में किसकी आदेश से जनता की सुरक्षा/समझाइश देने के लिए तैनात पुलिस के जवान अपना धैर्य खोकर आमजन पर लट्ठ बरसा रही है..! बिलासपुर के तारबाहर थाना में पदस्थ पुलिस आरक्षक के द्वारा बुखारी पेट्रोल पम्प के एक कर्मचारी की बेरहमी से पिटाई किए जाने का एक वीडियो पेट्रोल पम्प के सीसीटीव्ही फुटेज से सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है।

ड्यूटी पर तैनात इस पुलिसकर्मी का नाम समीर यादव के रूप में सामने आया है। वहीं पेट्रोल पम्प पर कार्यरत युवक जिसे पुलिसकर्मी इतनी निर्दयता से पीट रहा है उसका नाम पंचराम बताया जा रहा है। घटना 26 मार्च की दोपहर 12 की है जब कर्मचारी पंप पर पेट्रोल भर रहा था। ज्ञात हो कि लॉक्ड डाउन के दौरान पेट्रोल को शासन ने आवश्यक सेवा मानते हुए खुला रखने का आदेश दिया है।

न कोई गंभीर वारदात; न कोई विवाद, न कोई नक्सली, न आतंकवादी, न कोई अपराधी,  महज एक-दो जरूरतमंद युवा जो अपने वाहन में पेट्रोल डलवाने आए थे जिसे देखकर गुस्से से लबरेज एक पुलिसकर्मी के द्वारा अचानक उन पर पील पड़ना और बदहवाशी में बेवजह इतना पीटकर किसी को बेहाल कर देना समझ से परे है…! यद्यपि पंचराम ने इसका विरोध किया। लेकिन आरक्षक ने इसके बाद उस पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाना शुरू कर दिया।
देखिए वीडियो :-

https://www.facebook.com/pawan.tamrakar2/videos/2868005143257868/

इसे इस रूप में भी अनुमान लगाया जा सकता है कि लॉक्ड डाउन के चलते पुलिसकर्मियों में लगातार सेवारत होने की वजह से हो सकता है, वे अवसादग्रस्त हो रहे हों; जो अमूमन बस्तर में देखने को आता है। फ़िलहाल पेट्रोल पम्प पर कार्यरत कर्मचारी पंचराम को घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। डाक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बतायी है।

घटना की शिकायत आईजी दीपांशु काबरा से की गई, आईजी ने घटना को बहुत गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से साहब बहादुर ने जिम्मेदार तारबाहर थाना प्रभारी सुरेन्द्र स्वर्णकार को लाइन अटैच कर कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि घटना की तफ्तीश के बाद आरक्षक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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