रायपुर। चुनाव त्योहार में मतदान का नीला टिका मतदाताओं के उंगलियों में लगाने का समय ज्यों-ज्यों समीप आते जा रहा है वैसे-वैसे प्रत्याशियों के दिल की धड़कन भी बढ़ती जा रही है। इनका रात-दिन जनसम्पर्क में कट रहा है। प्रत्येक छोटे-बड़े मतदाताओं से व्यक्तिगत मिलकर अपने पक्ष में मतदान करने की विनती/अनुनय किया जा रहा हैI बी जे पी, कांग्रेस एवं जोगी कॉंग्रेस इन प्रत्याशियों को जहां भी जनसम्पर्क करने पहुंचे वैसे ही क्षेत्र के लोगों द्वारा फूल मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया जाता है, क्योंकि इस बार फिर से कुलदीप जुनेजा की टक्कर वर्तमान बीजेपी विधायक श्रीचंद सुंदरानी से है, दोनों प्रत्याशियों के जनसंपर्क को देखकर ऐसा लगता है कि राहें आसान नहीं है और दोनों प्रतिद्वंद्वियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी I वही अमर गिदवानी, जोगी कांग्रेस सारे समीकरण को गड़बड़ाने के लिए पर्याप्त नज़र आ रहे है I

       हालांकि श्री चन्द्र सुंदरानी विकास को लेकर आशान्वित है कि जीत उनकी होगी परंतु इस समय मतदाताओं का रुझान विकास के प्रति कम मुद्दों से ज्यादा जुड़ी है I बताते चलें कि केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम नोटबन्दी और जी एस टी से व्यापारी खेमा नाराज चल रहा है, वही शिक्षित बेरोजगारों में रोजगार को लेकर खासा आक्रोश नज़र आ रहा है I इसका उदाहरण कल आई बी सी 24 चैनल द्वारा मैरीन ड्राइव में आयोजित जन-संवाद में देखने को मिला, जहां उत्तर विधान सभा के तीनों प्रत्यशियों से समाज से जुड़ा बुद्धिजीवी वर्ग में भाजपा प्रत्याशी श्री चन्द्र सुंदरानी के विरुद्ध फट पड़ा, जबकि उन्होंने अपने पक्ष में बड़ी दमदारी के साथ बीजेपी द्वारा कराए गए विकास कार्यों का बखान किया परंतु लोगो का आक्रोश स्पष्ट विधायक श्री चन्द्र सुंदरानी के विरुद्ध देखा गया I
          उल्लेखनीय यह भी है कि आयोजन स्थल पर जनता द्वारा पूछे गए एक सवाल में कि उन्हें बीजेपी टिकिट देने में बड़ी देरी की इसके जवाब में उन्होंने झुंझलाहट एवं रोष व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप जुनेजा से कहा कि टिकिट तो तुम्हारे अथवा जुनेजा से उन्हें 12 घण्टे पहले मिल चुकी थी जबकि यह देखने मे आ रहा है कि जिस सिंधी समुदाय का एक पक्ष श्री चन्द सुंदरानी के टिकिट के लिए अड़ा था, अब वही सिंधी समाज के मुखी भी अब अपना मुह उनसे मोड़ चुके है I समुदाय के ही लोग अब न ही उनके किसी कार्यक्रम में दिखाई दे रहे है और न ही कार्यालय में समुदाय की उंगलीयों में गिनने वाली उपस्थित भी लोगो मे चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे ज्ञात होता है कि श्री चंद्र सुंदरानी की स्थिति उत्तर विधान सभा क्षेत्र में बड़ी नाजुक बनी हुई है I वही श्री चन्द्र सुंदरानी समर्थकों द्वारा कहे जाने वाला कथन कि सुंदरानी जी की जीत पक्की है, कि प्रतिक्रिया में कुलदीप जुनेजा के कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि धन, बल, छल, यानी ईवीएम मशीन के छेड़छाड़ से ही उनकी जीत हो सकती है अन्यथा उनकी इस बार यहां से हार तय है I उसके लिए भी कांग्रेस के वरिष्ठजनो द्वारा पूरी तरह से सतर्क होना बताया गया है I
             फिलहाल में राजनीतिज्ञ गणितज्ञों का मानना है कि उत्तर विधान सभा सीट के प्रत्याशी श्री सुंदरानी के पक्ष में माहौल शिथिल और कम है उस पर व्यापारी वर्ग से जुड़ाव के कारण नोट बन्दी, जीएसटी का दोहरा मार तथा पंचवर्षीय विधायकी कार्यकाल में उनका जनता से जुड़ाव कम होना भी उनके लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है वही जोगी कांग्रेस के अमर गिदवानी जो चेम्बर चुनाव में श्रीचंद सुंदरानी के द्वारा किए गए विरोध ने आज अमर गिदवानी को स्वयं उनके विरोध में खड़ा कर दिया जिससे सिंधि मतदाताओं का मत बटेगा I
दूसरा कुलदीप जुनेजा सिख समुदाय से संबन्ध रखते है स्वभाविक है सिक्ख एवं अल्प संख्यक समुदाय का वोट उन्हें मिलेगा अर्थात उत्तर विधान सभा के अनेक क्षेत्र की बस्ती अल्पसंख्यक समुदायों की है तथा श्री चन्द्र सुंदरानी द्वारा पांच वर्षों में अपनी जमीन तैय्यार करने में वे एक प्रकार से असफल रहे वही कुलदीप जुनेजा ने अल्प चुनावी काल मे घुसपैठ कर काफी मजबूत पकड बना ली है वही अमर गिदवानी भी जनसम्पर्क कर सिंधी वोट अपने पक्ष में करने कहीं हद तक सफल हो चुके है जो केवल भाजपा का वोट बैंक था वह अब सुंदरानी के पक्ष से हट गया दूसरी ओर बहुसंख्यक मतदाता महंगाई,भ्रष्टाचार, से भीतरी रूप से आहत है जिसमे अनुमानित तीस से पैतीस प्रतिशत वोट बीजेपी से कट जाएंगे जो सीधे कांग्रेस की झोली में आएगा I इस प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी को लाभ मिलने की सम्भवना अधिक व्यक्त की जा रही है अब केवल कुछ दिन ही शेष है मतदान के लिए अब देखना होगा कि उत्तर विधान सभा मे ऊंट किस करवट बैठता हैI
*अलताफ हुसैनI

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

One thought on “उत्तर विधान सभा में किसका जोर किस करवट बैठेगा ऊंट देखना होगा”

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