Chhattisgarh

शराब/सिगरेट की गिरफ्त में छात्र छात्राओं का भविष्य। जिम्मेदार मौन !

रायपुर (hct)। छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन तो जरूर हुआ मगर जो भाजपा शासन में जो लूट खसोट का मकड़जाल बिछा हुआ था, उस जाल में कांग्रेस बुरी तरह से फंसी हुई है और वे चाह कर भी उससे निकलना ही नहीं चाहते; बल्कि उनकी मनःस्थिति पहले की अपेक्षा और अधिक फसने-फ़साने और लूट-खसोट की बन चुकी है।

किसानों को कर्जमाफी का छलावा, पूर्ण शराब बंदी; महज चुनावी वैतरणी पार करने का पतवार साबित हुआ है। न तो किसानों का पूर्ण कर्ज माफ हुआ और ना ही शराब बंदी। बल्कि शराब बिक्री में तो कांग्रेसी सरकार के जलवा ही जलवा है। प्रत्यक्ष प्रमाण यह कि जो प्रदेश के अमूमन सभी मदिरालय में जितने भी मदिराप्रेमी है सीधे-सीधे उनके जेब में शासकीय तौर पर जेब कटवाई जा रही है और तो और “शराब का शबाब” मदिराप्रेमियों से हटकर देश/प्रदेश के भविष्य को अपनी आगोश में समेट रहा है।

विगत दिनों प्रदेश के एक जिले से सोशल मीडिया में कुछ स्कूली बच्चियों को शराब पीते हुए एक तस्वीर प्रकाश में आई है जिसे लेकर चिंता जाहिर करना लाज़मी है। हालांकि हो सकता है कि बच्चियों ने यह तस्वीर महज मूड में खिंचवाई हो जिसे किसी ने शरारत में आकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया लेकिन…

हाईवे क्राइम टाईम” के पास एक ऐसा वीडियो भी उपलब्ध है जिसमें किसी अन्य स्कूल के छात्राओं के द्वारा क्लास रूम में ही मदिरापान करते हुए कैमरे में कैद कर लिया गया है।

चूँकि जैसे ही उक्त तस्वीर सोशल मीडिया में अपना पैर पसारा, खबर मिली कि स्कूल प्रबंधन उक्ताशय को लेकर लीपापोती में जुट गया और बात जब जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंची तो स्कूल के मुखिया (प्राचार्य) को जमकर फटकार लगाई गई। मामला जूदेव गढ़ से सम्बंधित है।

यही नहीं छात्राओं को न सिर्फ शराब ने अपने आगोश में लिया हो बल्कि सिगरेट और बीड़ी का भी नशा भी सर चढ़कर बोल रहा है। देखिए वीडियो…

इसके बावजूद जिम्मेदार मौन ?

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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