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आरंग में सरपंचों की आरक्षण की कार्यवाही हंगामे के बीच निरस्त।

विधानसभा आरंग में ग्राम पंचायतों के आरक्षण में घोर लापरवाही।

रंग (रायपुर)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर विधानसभा आरंग में सरपंचों का आरक्षण की कार्यवाही में अधिकारियों द्वारा घोर लापरवाही बरतने से जनप्रतिनिधियों में काफी आक्रोश व्याप्त हो चली थी आरक्षण प्रणाली को पूरी पारदर्शिता से चुनाव आयोग लागू कराने के पक्षधर रहते हैं किंतु कुछ दलाल किस्म के अधिकारी कर्मचारी जो महज अपने निजी स्वार्थ एवं चमचागिरी के चलते चुनाव आयोग की विश्व विनीता को खराब कर रही है।
बैठक से पूर्व सोशल मीडिया में वायरल आरक्षण सूची।
बैठक में जारी सूची।
आरक्षण की कार्यवाही में संदिग्ध अधिकारी कर्मचारी द्वारा लेनदेन करके अपने चहेतों को आरक्षण का लाभ दिलाने का कार्य करने का आरोप लग रहा है आरोप लाजमी भी है की जो ग्राम पंचायतों को जो कोड नंबर क्रमांक नंबर दी जाती है जो पूर्व में सर्वे के आधार में दी गई नंबर एवं बाद में स्वमेव जारी की गई क्रमांक जिसे आरक्षण कार्यवाही के बाद में घोषित की जाती है; जिससे वहां पर उपस्थित लोगों को इस षड्यंत्र का आभास होता है और उक्त आरक्षण की कारवाही का विरोध की जाती है, इसकी जानकारी कलेक्टर रायपुर जिला पंचायत सीईओ रायपुर को उक्त आरक्षण की कारवाही को अवगत कराते हुए इसे निरस्त कर पुनः निष्पक्षता पूर्ण आरक्षण की कार्यवाही करने की मांग किया गया है।
https://youtu.be/XdomhBD4n0I
विवादास्पद आरक्षण की कार्यवाही को अधिकारी कर्मचारीगण निरस्त करने की घोषणा करती है जिससे यह स्पष्ट होता है आरक्षण की निष्पक्षता पूर्ण कार्यवाही में घोर लापरवाही षडयंत्र बरती गई है उपरोक्ताशय को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानंद जांगड़े ने पुरजोर विरोध करते हुए शासन से इसकी निष्पक्ष जांचकर दोषी अधिकारी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की भी मांग किया है।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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