रायपुर। चाहे इंस्पेक्टर हो या कलेक्टर ये जितने भी “टर” लगे मेढक रूपी इंसान सिर्फ टर्राना ही जानते हैं। अब ओपी साहब को ही देख लीजिए, “कलेक्टर” से विधायकी/नेतागिरी में अपनी किस्मत चमकाकर मुुख्यमंत्री बनने का मन में सपना सँजोए भाजपा के ओपी चौधरी, तपरदा में ग्रामीणों को उद्बोधित करते हुए जिस अंदाज में मतदाताओं को धमकाया उस साया से अभी उसका पीछा भी नहीं छूटा कि उसका अब एक और कारनामा ने संग पकड़ लिया…?
File photo
खरसिया के खम्हार के चुनावी चौपाल में राठिया समाज के लोगों को साधने के बहाने ओपी चौधरी ने जितना पैसा चाहिए और मिलेगा…! जुमलेबाजी करते हुए नज़र आ रहे हैं। चौधरी जी अपने नेताई जुमले में यह कह रहे हैं कि – “राठिया समाज के जमीन होगे हे खरसिया में; लेकिन भवन के निर्माण नई हो पावत हे। ओकर बर आप मन पूछिहा कन्हैया लाल जी ल…(शेष उन्हीं की जुबानी, देखिए वीडियो में)

ओपी चौधरी ऐसा कहकर सीधा-सीधा आचार संहिता का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। चूंकि ओपी के “कहर बनकर टूटने” वाले विवादित बयान के चलते चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भी जारी किया है जिसकी पुष्टि की जा चुकी है :-

परंतु चौधरी को अब उक्त नोटिस मिली नहीं है या उन्हें दी ही नहीं गई है इस पर शक-ओ-सुब्ह की सुई अटक पड़ी है।
जिस चुनाव आयोग के हाथों आचार संहिता की लाठी है वह भाजपा के लठैत बनकर सिर्फ विपक्ष और अन्य दलों के प्रत्याशियों पर ही अपना लठ्ठ चमकाने का दम्भ भर रहे हैं…!

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

One thought on ““कहर” बनकर टूटने वाला ओपी, राठिया समाज के लोगों को “रुपए लूटाने” की बात में घिर सकते हैं चुनाव आयोग के शिकंजे में ?”

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