Welcome to CRIME TIME .... News That Value...

Chhattisgarh

दो निर्दलीय प्रत्याशियों पर चुनाव आयोग ने कसा शिकंजा ?

रायपुर। महासमुंद कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हिमशिखर गुप्ता ने क्षेत्र के निर्दलीय विधायक व विधानसभा चुनाव-2018 में निर्दलीय उम्मीदवार डा. विमल चोपड़ा को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब देने कहा है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मामला पंजीबद्ध किया जा सकता है। महासमुंद के नायब तहसीलदार देवेंद्र नेताम द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर विधानसभा क्षेत्र-42, महासमुंद के अभ्यर्थी डॉ. विमल चोपड़ा को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें उल्लेखित किया गया है कि बिना पूर्व अनुमति के प्रचार सामग्री प्रकाशित कराया गया है। इस संबंध में जारी अनुदेशों का पालन नहीं करना आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन है। साथ ही निर्वाचन प्रचार पर होने वाले व्यय को छिपाने का प्रयास है। नोटिस का 48 घंटे के भीतर जवाब देने कहा गया है।

वहीं बिना अनुमति के रैली निकालने पर निर्दलीय प्रत्याशी मनोज कांत साहू की रैली को जो महामाया मंदिर की ओर जा रहे काफिले रोका गयाऔर रोककर अनुमति की प्रति दिखाने कहा गया। अनुमति नहीं थी। इसके चलते वीडियोग्राफी कराया गया । रैली पर अनुमानित व्यय निकालकर उम्मीदवार के खाते में जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

शराबबंदी महाभियान अभिनंदन बांट रहे निर्दलीय विधायक चोपड़ा को नोटिस

file photo

रिटर्निंग आफिसर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार व्यय प्रेक्षक को अवगत कराया गया है कि 31 अक्टूबर 2018 को दोपहर लगभग एक बजे ग्राम कुहरी, थाना तुमगांव में अभ्यर्थी द्वारा बैठक आयोजित किया गया। जिसमें लगभग 30 ग्रामवासी उपस्थित थे। बैठक में उनके द्वारा शराबबंदी महाअभियान अभिनंदन पत्र वितरित करते पाया गया। मौके पर 16 महिलाओं के अभिनंदन पत्र नायब तहसीलदार महासमुंद द्वारा जब्त किया गया । प्रमाण पत्र में उनके उम्मीदवार डा चोपड़ा का फोटो प्रकाशित है, जो निर्वाचन प्रचार का स्वरूप है। इसके लिए अभ्यर्थी को स्वीकृति प्राप्त करना चाहिए था तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के अंतर्गत प्रचार सामग्री छपाने के पूर्व सक्षम अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। मुद्रक का नाम, पता एवं मुद्रण संख्या अंकित होना चाहिए था, जो नहीं है। इस प्रकार बिना पूर्व अनुमति प्रचार सामग्री छपाने संबंधी अनुदेशों का पालन नहीं करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है तथा निर्वाचन प्रचार पर होने वाले व्यय को छिपाने का प्रयास है।
उक्त बैठक आयोजन के लिए अभ्यर्थी ने अनुमति ली थी। परंतु प्रचार सामग्री वितरित करने का अनुमति प्राप्त नहीं किया गया था। जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तथा व्यय को छिपाने के प्रयास के लिए नियमानुसार कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए इस संबंध में अभ्यर्थी को जवाब देने 48 घंटे का समय दिया गया है।

बिना अनुमति रैली निकालने पर निर्दलीय मनोजकांत साहू की रैली को रोका। 
मनोज कांत साहू

इधर, बिना अनुमति रैली निकालकर महामाया मंदिर जा रहे काफिले को रोका गया। नायब तहसीलदार देवेंद्र नेताम ने बताया कि निर्दलीय उम्मीदवार मनोजकांत साहू और उनके समर्थक रविवार 4 नवंबर को दोपहर में रैली निकालकर मुख्यमार्ग से महामाया मंदिर की ओर जा रहे थे। सब्जी बाजार जाने के रास्ते में रैली को रोककर अनुमति की प्रति दिखाने कहा गया। अनुमति नहीं थी। इसके चलते वीडियोग्राफी कराया गया । रैली पर अनुमानित व्यय निकालकर उम्मीदवार के खाते में जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

क्या है प्रावधान :-

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 के अंतर्गत प्रचार सामग्री छपाने के पूर्व सक्षम अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। पाम्पलेट, पर्चें, पोस्टर, विज्ञापन अथवा हैंडबिल पर प्रकाशक मुद्रक का नाम होना अनिवार्य है। इसका पालन नहीं करने पर 6 माह की सजा व 2 हजार रूपये अर्थदंड अथवा दोनों का प्रावधान है। गत दिनों प्रिटिंग प्रेस संचालकों की बैठक में इस संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए गए थे। उन्होंने बताया कि पाम्पलेट, पर्चें और पोस्टर के मुख्यपृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम और पता अनिवार्य रूप से लिखवाना होगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पाम्पलेट, पर्चें अथवा पोस्टर का मुद्रण तब तक नही कर अथवा करवा सकेगा। जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उसके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न करवाया जाये। सत्यापन के पश्चात मुद्रक को इसकी 2 प्रतिलिपि देनी होगी । दस्तावेज के प्रकाशन के पश्चात मुद्रक इसकी एक प्रति तथा घोषणा पत्र की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेगा।

यह है मुख्य उद्देश्य

इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धर्म, वंश, जाति, समुदाय, भाषा या विरोधी के चरित्र हनन जैसे आधार पर अपील जैसी अवैध सामग्री प्रकाशित करवाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी, साथ ही यह राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों तथा उनके समर्थकों द्वारा निर्वाचन पाम्पलेट, पर्चे, पोस्टरों आदि के मुद्रण और प्रकाशन पर हुए अनाधिकृत व्यय पर रोक लगाने में भी सहायक होगा।

*सूत्र।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page