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गृह-मंत्रालय में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज ! विभागीय कामकाज को लेकर गृहमंत्री आए पुनिया के निशाने पर।

रायपुर (hct)। पुलिस महकमे पर अपनी कमजोर प्रशासनिक पकड़ और जोगी प्रकरण में अपने समर्थकों और रिश्तेदारों की वजह से हैवीवेट कैबिनेट संभालने वाले गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू पर शनि की वक्रदृष्टि पड़ चुकी है और वे मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। नागरिक पत्रकारिता (सोशल मीडिया) से प्राप्त ख़बरों की यदि मानें तो प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने पिछले दिनों गृहमंत्री की जमकर क्लास ली है।
खबरों के मुताबिक जोगी प्रकरण के बाद अमित जोगी की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश भर में हुए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन और राजधानी सहित प्रदेश भर में मुख्यमंत्री के पुतला दहन किए जाने की घटना से क्षुब्ध होकर पुनिया ने गृहमंत्री के परफार्मेंस पर सार्वजनिक असन्तुष्टि जताई है, जब मीडिया खबरों और पार्टी समर्थकों के मुताबिक पुनिया को पता चला कि दिन भर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने वाला आंदोलनकारी युवा सार्वजनिक तौर पर गृहमंत्री के बंगले पर स्वयं गृहमंत्री साहू से मिलते जुलते नज़र भी आया ! और आंदोलनकारी एक प्रमुख युवा नेता गृहमंत्री के करीबी रिश्तेदार है तथा घटना से पहले व सीएम के पुतला दहन के बाद शाम में भी दोबारा वह जोगी कांग्रेस का युवा नेता; गृहमंत्री के बंगले पर देर रात तक मौजूद था।
जानकारी के मुताबिक गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू; खुद भी मुख्यमंत्री की दौड़ में टीएस सिंहदेव के साथ शामिल रहे। इतना ही नही एक बार तो नए सीएम के तौर पर ताम्रध्वज साहू के नाम की घोषणा का अफवाह नागरिक पत्रकारिता के मार्फ़त लोगों तक पहुंचा था। बाद में पार्टी ने जब आधिकारिक तौर पर भूपेश बघेल की नाम की घोषणा की थी। उसके बाद ताम्रध्वज साहू बिना औपचारिक सूचना दिए दिल्ली से अचानक चुपचाप छत्तीसगढ़ लौट आए थे।
ताम्रध्वज साहू के इस प्रतिक्रिया को मुख्यमंत्री पद की लालसा से जोड़कर पार्टी संगठन में देखा गया और फिर आखिर में मानमनौव्वल के तौर पर उनको गृह विभाग के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग जैसा भारीभरकम पोर्ट फोलियो सौंपा गया।
प्रदेश में लगातार पुलिस प्रताड़ना और हवालात में मौत, मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी जैसे घटनाओं में हो रहे इजाफे से भी पुनिया बेहद नाखुश थे। सूत्रों के मुताबिक पुनिया ने ताम्रध्वज साहू को गृह विभाग खासतौर पर पुलिस महकमे पर नियंत्रण करने की नसीहत दी है। पार्टी के वरिष्ठ सदस्य होने के कारण पुनिया ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को फटकार तो नही लगाई, लेकिन पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को लेकर पीएल पुनिया गृहमंत्री के तौर पर ताम्रध्वज साहू की कार्यशैली से खुश नही है।
गृहमंत्री ने हालांकि पुनिया से हुए मुलाकात का मीडिया में कुछ भी नही बताया और अपने वाहन में चुपचाप चल दिए, लेकिन गृहमंत्री के बॉडी लैंग्वेज ने साफ कर दिया कि बंद कमरे के भीतर जो कुछ भी हुआ हो लेकिन गृहमंत्री के उदास और उतरे हुए चेहरे ने साफ कर दिया कि कांग्रेस प्रभारी ने उन्हें बड़ी ही गंभीर हिदायत दी है, जो वो किसी के साथ शेयर तक नही करना चाहते हैं।
माना जा रहा है कि पुलिस पर प्रशासनिक पकड़ के मामले में ताम्रध्वज साहू उम्मीदों पर खरे नही उतर पा रहे हैं। लिहाजा नगरीय निकाय चुनावों के बाद या उसके ठीक पहले कांग्रेस का केंद्रीय संगठन गृह-मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी और को सौंप सकता है।

*exposetoday.in

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