इन वनासुरों को दिन में भी सपने देखने की बीमारी है।

“वन भैसा और ब्लैक पैंथर” के नाम से केंद्र और राज्य से प्राप्त अनुदान/राशि का खुद करते शिकार !

हमारे वन मंत्री अकबर द बब्बर क्या खुर्राटे भर रहे हैं ?

बाघ और काला तेंदुआ होने के झूठे दावे के बाद वन विभाग कही उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में डायनासोर होने का दावा ना कर दे !

25 अगस्त 2019 को मैनपुर के स्थानीय निवासी पत्रकार तीव कुमार सोनी का सर्वोच्य छत्तीसगढ़ नामक एक वेबसाइट पर एक लेख पढ़ने को मिला। लिखा गया है कि;
वन विभाग के अधिकारियों ने वर्ष 2016-17 के बीच पूरे टाइगर रिजर्व में 200 से ज्यादा कैमरा लगाने के बाद उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) के होने का पिछले वर्ष दावा किया था ! क्योंकि उनके द्वारा लगवाए गए कैमरे में उन्हें ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) की दुर्लभ तस्वीर सामने आने की बात कही थी।
रायपुर (hct)। अब इन वनासुरों से कौन पूछे कि उनके द्वारा लगवाए गए। कैमरे क्या स्वचलित कैमरे थे कि सामने परिलक्षित होने वाली किसी व्यक्ति, वस्तु या जानवर की स्वतः फोटो खींचकर अपने मालिक को प्रदान कैसे किया ? तीव कुमार ने आगे लिखा है कि कुछ गार्ड्स ने ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) के दिखने की बात कही थी जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने कैमरा लगाने का कदम उठाया था।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व 1845 वर्ग किमी में फैला है, इस जंगल में 24 साल पहले एक ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) पिजरे में कैद हुआ था जो तड़प-तड़प के पींजरे में ही मर गया।
तीव ने यह भी दावा के साथ लिखा है कि उनके द्वारा ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) के दिखाई देने का ग्राउंड रिपोर्ट किया गया व जानकारों से इस बाबत जानकारी भी जुटाई गई; जिसमे वन विभाग के प्रदेश स्तर के उच्चाधिकारियों भी थे। “उनके द्वारा उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) के होने की बात को सिरे से नकार दिया गया।” अधिकारियों के अनुसार “उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में कोई भी ब्लैक पैंथर नहीं है। इस सम्बन्ध में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के जंगलो में निवास करने वाले लोगो से भी बातचीत कर जानकारी प्राप्त की गई निवासियों ने बताया की उन्होंने अपनी अब तक के जीवन में कभी भी ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) को नहीं देखे है।”
अब जबकि वन विभाग के न किसी अधिकारी और न ही किसी ऐसे व्यक्ति को जब ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) दिखाई ही नहीं दिया और उदंती के भ्रष्ट वनासुरों ने इसे लेकर करोड़ो ₹ कैमरा लगवाने के नाम पर बर्बाद कर दिया..
तो हमारे वन मंत्री अकबर द बब्बर क्या खुर्राटे भर रहे हैं ? और यदि वास्तव में उदंती में ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) है, तो फिर क्या उसे धरती निगल गई या आसमान या फिर दिखाई देने वाला तथाकथित ब्लैक पैंथर (काला तेंदुआ) कोई काली बिल्ली अथवा एलियन तो नहीं…?

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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