गौठानो से होगा सामुदायिक लाभ, बनायी गई है योजना।

किरीट ठक्कर
गरियाबंद। राज्य की कांग्रेस सरकार ने “नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी” योजना के तहत बड़ी तेजी के साथ गांवों में गौठानो का निर्माण कराया है, जिले में अब तक 48 गौठान निर्मित हो चुके हैं साथ ही इनमें से कई गौठान का लोकर्पण भी किया जा चुका है। गौठानो के संचालन के लिए ग्रामीण स्तर पर समितियां बनाई जा रही है, गौठानो से सामुदायिक लाभ की भी योजना है।
एनआरएलएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना को मूर्त रूप दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार प्रारंभिक तौर पर गौठानो से प्राप्त गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तथा नाडेप विधि से खाद का निर्माण किया जाएगा, इसके बाद कंडे (छेना) व गोबर से गमले, धूप बत्ती, अगरबत्ती, हवन सामग्री आदि का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गरियाबंद यात्रा प्रस्तावित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आने वाले सप्ताह अंतर्गत गरियाबंद आ सकते हैं, सूत्रों की माने तो उनका आगमन 6 सितंबर शुक्रवार को हो सकता है । जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारी की जा रही है , कलेक्टर श्याम धावड़े ने इस संबंध में शनिवार अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं , साथ ही अधिकारियों को कार्य दायित्व भी सौंपा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूपेश बघेल नगर के गांधी मैदान में आयोजित अभिनंदन समारोह , लोकार्पण , एवम भूमि पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। मुख्य मंत्री के आगमन को देखते हुए गांधी मैदान में तमाम तैयारियां की जा रही है।
दिया जायेगा प्रशिक्षण : महासमुंद जिले की एक गौशाला में गोबर से गमला बनाया जा रहा है , ये गमला पौधों की वृद्धि में भी सहायक होता है , इस गौशाला से गमला निर्माण के सम्बंध में तकनीक सलाह ली जायेगी , अगरबत्ती व धूपबत्ती निर्माण के लिए भी स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए सभी विकल्पों का ध्यान रखा जायेगा।
पूंजी व संचालन : नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन, बैंक लिंकेज के माध्यम से समितियों को सामुदायिक निवेश कोष के तहत ऋण उपलब्ध कराएगा। बिहान अंतर्गत सभी गतिविधियां संचालित की जायेंगी गौठान समिति व स्व सहायता समूह के मध्य लाभ वितरित किया जाएगा।
बाजार की उपलब्धता : वर्मी कम्पोस्ट व नाडेप विधि से तैयार खाद की बिक्री गांवो में ही की जा सकती है , कंडे गांव में ईंधन व हवन के लिए उपयोगी होने के साथ साथ शव दाह के लिए भी उपयोगी साबित होंगे , इन्हें खुले बाजार में भी बेचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त जिले में ”बिहान” के तहत एनपीएम की 77 दुकानें छुरा व फिंगेश्वर विकासखंड में संचालित है , महिला सशकितकरण परियोजना के तहत इन नॉन पेस्टिसाइज मैनेजमेंट शॉप में जैविक खाद व ऑर्गेनिक कृषि दवाएँ उपलब्ध होती है , इसके अलावा गौठानो में निर्मित प्रोडक्ट्स को , सरकारी आयोजनों , मेले , मड़ाई , बाजार हाट में भी विक्रय किया जा सकता है ।
अलीबाबा पर उपलब्ध है कंडे : ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी “अलीबाबा पर उपले” अर्थात कंडे काफी पहले से उपलब्ध है और ये इसकी उपयोगिता को दर्शता है हिंदू धर्म मे हवन तथा अन्य कर्मकांडों में गोबर व कंडे की उपयोगिता को नकारा नही जा सकता।

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