रायपुरजहां मानव रक्त किसी की प्राण रक्षा करता है, वहीं उसमें थोड़ी सी चूक; किसी के प्राण लेने का कारण भी बन सकता है। हालांकि अब तक ऐसी किसी भी प्रकार के प्रकरण का उजागर नहीं हो पाया है, अपितु “स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (भारत सरकार) एवं “औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940” द्वारा उल्लेखित नियम एवं शर्तों की कुछ ब्लड बैंकों / चिकित्सा संस्थानों द्वारा शासकीय संरक्षण में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। हमारे खोजी पत्रकारों की टीम द्वारा विगत कुछ माह से राजधानी सहित अनेक जिला मुख्यालयों में ब्लड बैंकों तथा अनेक चिकित्सा संस्थानों की तह में जाकर चौंकाने वाले तथ्यों को उजागर करने का प्रयास किया है जिसे प्रदेश की जनता के समक्ष विस्तृत विवरण के साथ प्रकाशित कर “खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ शासन” के लाचारी, मजबूरी के स्टाफ की कमी का रोना रोते जानबूझकर कुंभकर्णीय निद्रा में व्याप्त अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया जा रहा है।

सन 2011 की स्थिति में छत्तीसगढ़ प्रदेश में कुल 23 निजी संस्थानों तथा 15 शासकीय चिकित्सालयों एवं 4 भारत सरकार के अधीन रक्त कोष (ब्लड बैंक) संचालित हो रहे थे, रक्त कोषालयों के संचालन हेतु “केंद्रीय लाइसेंस स्वीकृति प्राधिकरण, नई दिल्ली” द्वारा निर्धारित अनेक शर्तों एवं नियमों व मापदंडों की औपचारिकताओं को नियमानुसार पूरा करने के पश्चात ही आवश्यक जांच प्रतिवेदन तथा अनुशंसा के बाद ही रक्त कोष (ब्लड बैंक) संचालन हेतु लाइसेंस प्रदान किया जाता है।

ब्लड बैंक संचालन हेतु “औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940” के तहत नियम एवं शर्तों के पालन में अनुमति प्रदान की जाती है उस का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है। किसी भी ब्लड बैंक को संचालन हेतु फार्म 28सी (देखिए 122 जी) के तहत अनुमति प्रदान किया जाता है। नियम 122 जी का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। उदाहरण के लिए कुछ एक प्रमाणित साक्ष्य जो भाग बारहवीं 12B (Part XIIB) के अनुसार निर्दिष्ट है।

1. (क) सामान्य (आम) ब्लड बैंक का संचालन, खुली सीवेज, नाली, सार्वजनिक शौचालय या किसी तरह के मैली परिवेश से दूर होना चाहिए।
(ख) भवन ब्लड बैंक के संचालन हेतु निर्मित भवन स्वच्छ, हवादार, पर्याप्त रोशनदान, वातानुकूलित, कीड़े-कृन्तकों और मक्खियों के प्रवेश से बचने के लिए पर्याप्त उपाय दीवारों एवं फर्श पर नमी ना हो उसके समुचित उपाय होने चाहिए।
(ग) ब्लड बैंक में कार्यरत कर्मचारियों हेतु जहां तक आवश्यक हो स्वच्छ कपड़े, दास्ताने, एप्रोन तथा सिर और मुंह-नाक आदि पूरे ढंके होने के साथ-साथ वहां पर्याप्त स्वच्छ और सुविधाजनक हाथ धोने और शौचालय की सुविधा होनी चाहिए।
2. प्रत्येक ब्लड बैंक में पूरे समय सक्षम तकनीकी स्टाफ की निम्नलिखित श्रेणीया अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा:- 1. चिकित्सा अधिकारी 2. तकनीशियन 3. पंजीकृत नर्स 4. तकनीकी पर्यवेक्षक
उक्त स्टाफ हेतु अनिवार्य योग्यता नियम 22 जी में निर्दिष्ट शर्तों के अनुरूप होनी चाहिए का कहीं कोई नामोनिशान नहीं है।

अगली किश्त में बालोद जिला कलेक्टर की अनभिज्ञता और “मुख्य चिकित्सा अधिकारी” की सांठगांठ में संचालित रक्त के अवैध व्यापार का किस्सा-ए-सार…

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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