Chhattisgarh

निजीकरण के विरोध में 20 जुलाई को विशाल जनांदोलन एवं धरना प्रदर्शन किया जायेगा

*विनीत शर्मा
रायगढ। वर्तमान समय मे निजीकरण बहुत ही तेज गती से सभी सरकारी संस्थानो मे लागू किये जा रहे है जिससे देश को आने वाले समय मे भीषण असन्तुलन का सामना करना पड़ेगा खासकर युवा वर्ग को। सभी भारतवासियों को यह समझना होगा कि हमारा भारत देश युवा शक्ति का देश है और हम रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं देश के शिक्षा चिकित्सा व रोजगार का निजीकरण तथा सभी शासकीय संस्थाओं को निजीकरण, ठेकेदार, आउटसोर्सिंग करने से शासकीय स्थाई नौकरी घटती जा रही है एवं षड्यंत्र पूर्वक शासकीय नौकरी को खत्म किया जा रहा है।
निजीकरण से भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, जुगाड़ तंत्र को बढ़ावा एवं देश के मध्यम एवं निम्न वर्ग के गरीब वंचित शोषित पढ़े-लिखे युवा जो विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं से नौकरी में आते हैं उन युवाओं को रोजगार के समस्याओं से जूझना पड़ रहा है और अपने बेहतर जीवन जीने के अधिकार से वंचित हो रहे हैं एवं ठेका मजदूरी अस्थाई नौकरियों में शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। देश में ठेकेदार  पूंजीपति अमीर और अधिक धनवान हो रहे हैं किंतु मध्यम वर्ग एवं निम्न वर्ग के जीवन स्तर शिक्षा स्तर रोजगार व सामाजिक स्थितियों में असमानता होने से गरीबी के दलदल में आने से उनका शोषण हो रहा है।
अतः देश के समस्त बुद्धिजीवी, अधिकारियों, युवा वर्ग एवं सामाजिक संगठनों से अपील है निजीकरण के खिलाफ होने वाले 20 जुलाई के जन आंदोलन में सहयोग प्रदान करें। इसी तारतम्य मे रायगढ़ शहर के कई सामाजिक संगठन एवं राजनीतिक दलो ने विभिन्न स्थानो मे बैठक लेकर 20 जुलाई को 11 बजे से इस जनआंदोलन मे नटवर स्कूल मैदान से शामिल होकर रायगढ शहर भ्रमण करते हुए कलेटोरेट में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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