*हेमंत कुमार साहू

दीपका खदान सहित चाकाबुड़ा और रतिजा की कोल वाशरियों के तौल कांटा भी सील हुए
57 वाहन जप्त कर पुलिस सुरक्षा में सौंपे गये

कोरबा। शनिवार को सुबह से खदानों और कोल वाशरियों की राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की टीम द्वारा शुरू हुई जांच देर रात तक चलती रही। अधिकारियों ने खदान और कोल वाशरियों की गहन जांच कर बड़ी कार्यवाही की है। जांच की गई वाशरियों में स्वीकृत भण्डारण क्षमता से लगभग पौने सात लाख टन अधिक कोयला पाया गया है। जिस पर वाशरियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता के अधिकारियों ने बताया कि विधिमान्य जवाब नहीं मिलने पर खनिज अधिनियमों और भण्डारण नियमों के तहत विधि सम्मत कड़ी कार्यवाही की जायेगी। जांच दल ने एसईसीएल द्वारा संचालित दीपका खदान के तौल कांटा नंबर 16 में अनाधिकृत कर्मचारी द्वारा वाहनों को ट्रांजिट पास जारी करते पकड़ा और सभी ट्रंाजिट पासों को जप्त करते हुए तौल कांटा घर को सील कर दिया है। संयुक्त जांच दल ने कनबेरी स्थित स्वास्तिक पावर एण्ड मिनरल लिमिटेड कोल वाशरी में सत्रह हजार टन धुला एवं रिजेक्टेड कोयला पाया। वाशरी द्वारा कोयले की वैद्यता के संबंध में उचित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने पर जांच दल ने वाशरी को सील कर दिया है। उड़न दस्ते की इस टीम में खनिज विभाग के 12, राजस्व विभाग के 17, पर्यावरण संरक्षण विभाग के 06 अधिकारियों सहित औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े अधिकारी और 100 से अधिक पुलिस अधिकारी तथा जवान शामिल रहे। जांच दल द्वारा खदानों और कोल वाशरियों में पर्यावरण मानकों का पालन, जल उपयोगिता और दूषित जल प्रबंधन, खनिज नियमों का पालन के साथ-साथ भण्डारण नियमों और मोटर व्हीकल एक्ट के परिपेक्ष्य में सघन जांच की है।खनिज विभाग एवं परिवहन विभाग के संयुक्त दलों ने कल कोल परिवहन में लगे 57 वाहनों पर जप्ती की कार्यवाही कर पुलिस सुरक्षा में सौंप दिए हैं। इनमें से 18 खाली वाहनों में वैद्य दस्तावेज नहीं थे और 39 वाहन वैद्य ट्रांजिट पास नहीं होने पर भी कोयला ढोने में लगे थे। भरे वाहनों में लगभग एक हजार टन कोयले को भी जप्त किया गया है। उड़नदस्ते ने चाकाबुड़ा स्थित एसीबी कोल वाशरी और रतिजा स्थित स्पेक्ट्रम कोल वाशरी के तौल कांटा घरों को भी सील कर दिया गया है। उड़नदस्ते ने स्पेक्ट्रम कोल वाशरी, एसीबी गेवरा वाशरी और एसीबी चाकाबुड़ा वाशरियों में स्वीकृत भण्डारण क्षमता से छः लाख 84 हजार टन अधिक कोयला भण्डारित होना पाया है और इसके लिए वाशरियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता दल ने धतुरा स्थित केजेएसएल कोल वाशरी की जांच के दौरान कच्चे कोयले का लगभग 32 हजार टन ओैर धुले हुए कोयले का लगभग 30 टन स्टाक मौके पर पाया। वाशरी द्वारा इस कोल के संबंध में कोई वैद्य अभिलेख जांच दल के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच दल के अधिकारियों ने इस कोयले की वैद्यता के बारे में दस्तावेज 18 जून तक कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश वाशरी के अधिकारियों को दिए। रतिजा की मारूति वाशरी में बिना ट्रांजिट पास के आठ हाईवा गाड़ियों को कोयले का परिवहन करते जांच दल ने पकड़ा और जप्त कर पुलिस सुरक्षा में सौंप दिया।
स्पेक्ट्रम कोल वाशरी रतिजा में स्वीकृत भंडारण क्षमता से अधिक कोयले का भण्डारण किया जाना जांच में सामने आया। वाशरी के तौल कांटा को जांच दल ने सील कर दिया है। वाशरी द्वारा मई महिने का मासिक पत्रक प्रस्तुत नहीं करने, रेलवे साईडिंग तक बिना ट्रांजिट पास के कोल परिवहन करने, लिंकेज और रिजेक्ट कोल के उपयोग की अनुमति के सक्षम दस्तावेज पेश नहीं किये जाने पर स्पेक्ट्रम कोल वाशरी को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। स्पेक्ट्रम कोल वाशरी द्वारा लीलागर नदी के प्रवाह को बाधित कर अनाधिकृत रूप से पानी का उपयोग करने और नदी पर बने एनीकट के पहले अवैध रूप से सड़क निर्माण कर कोयला परिवहन को भी जांच दल ने पकड़ा है। राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता दल ने रेंकी स्थित एसव्ही पावर एण्ड कोल वाशरी में विगत ढाई वर्षों से वाशरी का काम बंद होना पाया है। पावर प्लांट में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं होने, पर्यावरण संरक्षण हेतु पानी का छिड़काव नहीं करने और पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण नहीं होना भी पाया गया है। पावर प्लांट में अग्निशमन वाहन और पानी के टेंकर भी उपलब्ध नहीं थे। पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा पावर प्लांट को नोटिस जारी किया गया है।
राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता ने एसीबी की चाकाबुड़ा स्थित वाशरी में रेलवे साईडिंग पर कोयला परिवहन के लिए ट्रांजिट पास जारी नहीं करने पर तौल कांटा घर को सील कर दिया इसी वाशरी में बिना ट्रांजिट पास के चार हाईवा गाड़ियों को अवैद्य कोयले का परिवहन करते जांच दल ने पकड़ा और जप्त कर पुलिस सुरक्षा में सौंपा। एसीबी कोल वाशरी दीपका और गेवरा में उड़नदस्ते ने स्वीकृत भण्डारण क्षमता से एक लाख टन ज्यादा स्टाक पाये जाने पर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा हैं। गेवरा की वाशरी में जांच के दौरान कोयला भण्डारण के लिए स्वीकृत रकबे से अधिक भूमि पर कोयला रखना भी उड़नदस्ते ने अपनी जांच में पाया। गेवरा वाशरी में उड़नदस्ते ने एक मई से 15 जून तक कोयले की आवक-जावक रजिस्टर को जांच के लिए जप्त कर लिया है। एसीबी की बिंझरी कोल वाशरी में निर्धारित प्रारूप में अभिलेखों का संधारण नहीं किया जाना पाया गया है। जमनीपाली की इण्डस उद्योग एवं इन्फ्रास्ट्रेक्चर लिमिटेड में राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता दल की दबिश हुई। कंपनी में कोल वाशरी बंद मिली। इण्डस उद्योग एवं इन्फ्रास्ट्रेक्चर लिमिटेड को संस्थान के रेलवे साईडिंग और वाशरी क्षेत्र में भण्डारित कोयले के ट्रांजिट पास, रेलवे से डिस्पेच कर आरआर की कापी, क्लोजिंग बैलेंस, स्टाक रजिस्टर, वाशरी उद्योग का पंजीयन आदि सभी जानकारियां तीन दिन के भीतर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश जांच अधिकारियों ने लिखित नोटिस में दिए।
राज्य स्तरीय केंद्रीय उड़नदस्ता ने दीपका खदान के तौल कांटा घर, चाकाबुड़ा, रतिजा कोल वाशरियों के दो वे-ब्रिज और कनबेरी के स्वास्तिक मिनरल एण्ड पावर रिर्सोस वाशरी को सील करने की कार्यवाही की है। सील हो जाने से अब आगामी आदेश तक इस वाशरी और इन सभी सील्ड तौल कांटा घरों से कोयले का डिस्पेच नहीं होगा।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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