किरीट ठक्कर
गरियाबंद। प्राप्त मतों की गणना के अनुसार महासमुंद लोकसभा सीट पर भाजपा के चुन्नीलाल साहु की जीत हो चुकी है। लगभग 90 हजार मतों से भाजपा के चुन्नीलाल साहू जीत चुके हैं, इनमें से 50923 वोट की लीड, गरियाबंद जिले की राजिम और बिन्द्रानवागढ विधानसभा से भाजपा को मिली है। कहना पडेगा की चुन्नीलाल साहू की जीत में गरियाबंद जिले की महती भूमिका रही है। तब सवाल उठता है कि; विधानसभा चुनाव में राजिम विधान सभा से कांग्रेस को जीत के लिए मिले 58 हजार वोट कहां गये ? महासमुंद लोकसभा से चुन्नीलाल साहु को 613977 वोट मिले है, तो वही कांग्रेस के धनेन्द्र साहु को 524542 वोट मिले है, 89435 वोट से चुन्नीलाल साहू की जीत बतायी जा रही है !
जैसी की आशा थी बिन्द्रानवागढ विधानसभा से भाजपा लीड करेगी, ठीक वैसा ही हुआ, बिन्द्रानवागढ से बीजेपी को कांग्रेस से 38172 वोट अधिक मिले तो वही राजिम विधानसभा से 12751 वोट से बीजेपी लीड कर रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर 17 वीं लोकसभा में कांग्रेस की हार के अनेक कारणों में एक बडा कारण जहॉ छद्म धर्मनिरपेक्षता है वही स्थानीय स्तर पर हार का कारण, विधान सभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद नव प्रस्फुटित ऐसे कांग्रेसी कार्यकर्ता रहे है जो विगत 15 वर्षों से राजनीति परिदृश्य में थे ही नही, प्रदेश की सत्ता हाथ में आते ही जो मदमस्त हो रहे थे, विधान सभा चुनाव में राजिम जीत के लिए मिले 58 हजार वोट, दर असल एंटी ईन्कमबेसी और विकल्प के लिए थे। संभवतः अब लोगो को लग रहा है की हमने गलत विकल्प चुन लिया था।

 

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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