*विनीत शर्मा
रायगढ़ संसदीय क्षेत्र जशपुर जिले के कांसाबेल कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष पूनम गुप्ता और कांसाबेल फ़ूड इंस्पेक्टर आनंद कुमार गुलशन के बीच असंसदीय बात चीत का वायरल आडियो यह स्पष्ट करता है कि भूपेश सरकार में कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी न केवल गुडागर्दी पर उतर आए है वरन शासन के अधिकारी कर्मचारी चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने में लगे है। वायरल आडियो में कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष यह स्पष्ट रूप से कहते हुए सुनाई दे रहे है कि मुख्यमंत्री की आम सभा को लेकर सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी कांग्रेसियो से बात कर रहे है, मिल रहे है, ग्राउंड देख रहे है।

सवाल यह उठता है कि आचार संहिता के दौरान इन अधिकारियों कर्मचारियों की इतनी हिम्मत कैसे हो गई वो चुनाव आयोग को अपने ठेंगे पर रखने का दुस्साहस करे। चुनाव आयोग इसे संज्ञान में ले कर कार्यवाही करे। प्रश्न है कि क्या भूपेश बघेल अधिकारियों और कर्मचारियों के दम पर लोक सभा चुनाव जीतने की मंशा रखते है, भूपेश बघेल इसे स्पष्ट करें।
वायरल आडियो में फूड इंस्पेक्टर पर कई जगहों पर अवैध वसूली के आरोप भी ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए है जिससे स्पष्ट होता है कि भूपेश सरकार में अधिकारी कर्मचारी पूरी तरह निरंकुश हो गए है और यह स्पष्ट हुआ है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भूपेश बघेल के संरक्षण में न केवल प्रशासन को अपने पैरों की जूती समझ कर उनका बेजा स्तेमाल कर रहे है वरन अपने हित न सधने पे उन्हें माँ- बहन की अश्लील गालिया और देख लेने की धमकी भी दे रहे है। फूड स्पेक्टर से ब्लाक अध्यक्ष ने यह स्पष्ट तौर पर कहा है कि 13 तारीख को वो इस फूड इंस्पेक्ट को देख लेगा। उधर फूड इंस्पेक्टर ब्लाक अध्यक्ष पर पैसा मांगने की बात रिकार्ड करके रखने की बात कह रहा है जो यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता अधिकारियों से वसूली में लगे हुए है।
यह सम्पूर्ण प्रकरण को बेहद शर्मनाक और भूपेश सरकार के राजकाज का पर्दाफास करने वाला है। भूपेश बघेल की सभा और जुलूस में आम जनता के न पहुचने से वो बेहद निराश है जिसकी खीज वो भाजपा नेतृत्व और नेताओं पर अनर्गल बयानबाजी कर के निकाल रहे है। जनता आगामी लोक सभा चुनाव में इन सबका करारा जबाब देगी।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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