*भरत सोनी

रायपुर। राजधानी सहित देश भर में चुनावी सरगर्मियां तेज है। छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर की प्रतिष्ठा पूर्ण लोकसभा सीट पर एक बार फिर भाजपा के कद्दावर नेता, पूर्व मंत्री, वर्तमान विधायक बृजमोहन अग्रवाल और कांग्रेस की दमदार महिला नेत्री किरणमयी नायक के बीच घमासान होने की संभावना है, इसके पूर्व 2013 के विधानसभा चुनाव में दोनों उम्मीदवार के बीच चुनावी संग्राम हो चुका है।
बड़ी तेजी से राजनीति की बदलती परिस्थितियों में सब कुछ संभव है। एक ओर जहाँ वर्तमान सांसद रमेश बैस अपनी उम्मीदवारी के प्रति आश्वस्त हैं, कांग्रेस के युवा लोकप्रिय महापौर प्रमोद दुबे भी अपने प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं दोनों ही पार्टियों के आलाकमान की ओर से अलग ही संकेत आ रहे हैं। एक ओर भाजपा छत्तीसगढ़ में एक नया प्रयास कर अपने सभी 10 मौजूदा सांसदो की जगह नए चेहरों पर दांव लगाने की चर्चा है। इससे मौजूदा सांसदों की नींदें उड़ गई है । वहीं यदि भाजपा द्वारा ऐसा प्रयोग किया जाता है तो एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री रमनसिंह राजनांदगांव लोकसभा से और रायपुर राजधानी की प्रतिष्ठापूर्ण लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री, वर्तमान विधायक बृजमोहन अग्रवाल सशक्त उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में आ सकते हैं, वहीं राजनीति संग्राम में संघर्षरत कांग्रेस से उम्मीदवारी कर रहे महापौर प्रमोद दुबे इन परिस्थितियों में पिछड़ सकते हैं। राजनीतिक समीकरण भाजपा द्वारा यदि ऐसा प्रयोग किया जाता है तो पूर्व विधानसभा चुनाव के बाद रायपुर लोकसभा में एक बार फिर भाजपा से पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और कांग्रेस से पूर्व महापौर किरणमयी नायक के बीच चुनावी संग्राम हो सकता है।
ऊंट किस करवट बैठता है, ये तो वक़्त की बात है। लेकिन इससे स्पष्ट है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा केंद्र में सत्तारूढ़ होने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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