किरीट ठक्कर
गरियाबंद। नगर के सब्जी मार्केट में शनिवार मांस मटन की अतिक्रमित दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद व पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रुप से उक्त कार्यवाही की गई।
कार्यवाही पूर्व अपेक्षित थी, जनता के द्वारा लगातार इस तरह की कार्यवाही की मांग की जा रही थी। कुछ दिनों पूर्व हुए दो व्यवसायियों के विवाद ने जब वृहद रुप इख्तियार कर लिया और नगर की शांति व्यवस्था पर बन आई तब जाकर प्रशासन जागा और इसके बाद सब्जी मार्केट से मांस मटन विक्रताओ का अन्यत्र विस्थापन किया गया है।
विस्थापन के बाद मांस मटन विक्रेताओ की सब्जी बाजार में अतिक्रमित दुकानों को गिरा दिया गया है। फिर भी सब्जी बाजार को लेकर कई सवाल अब भी खडे है प्रशासनिक कार्यवाही को पूर्ण नही माना जा रहा, सवाल सब्जी मार्केट की आठ एकड आरक्षित भूमि को लेकर है; जिस पर इतना अतिक्रमण हो गया है की केवल 1 एकड 30 डिसमिल जमीन मौके पर रह गई है। चंडी चौक के आस-पास तथापि यहॉ से मुख्य सडक तक पहुंचने के रास्ते पर पैदल चलना दूभर हो चुका है। दुकानदारों ने अतिक्रमण कर ना सिर्फ दुकानें बना ली है बल्कि अब रास्ते पर सामान रख आवागमन बाधित कर रहे हैं। हालांकि जानकारी मिली है की कुछ अन्य अतिक्रमणकारियों को पालिका प्रशासन की ओर से नोटिस दिया गया है; किंतु यहां कुछ प्रभावशाली लोगों ने भी अवैध कब्जा कर रखा है ऐसे में कार्यवाही समान व समुचित हो तभी आम जनों को राहत मिलेगी तथापि न्यायिक सम्पुर्णता परिभाषित होगी।
फिलवक्त आलम ये है की सब्जी व्यवसाय के लिए निर्मित चबुतरों (शेड) पर अन्य व्यवसायी अपनी दुकानें चला रहे है, खुले चबुतरों पर चौतरफा दिवालें तानकर शटर लगा दिया गया है, कुछ लोगो द्वारा कब्जे को अन्य व्यक्तियों को विक्रय किये जाने की बात भी सामने आ रही है। चंडी चौक से मुख्य सडक तक पहुंचने के मार्ग के दोनों तरफ पक्का निर्माण और अवैध निर्मित दुकानों के सामने तक रखा सामान, आम लोगों के पैदल चलने के अधिकार को समाप्त कर रहा है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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