Chhattisgarh

ईयूएसपीपी योजना : माकपा सांसद ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।

रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद जीतेन्द्र चौधुरी ने भाजपा राज में ईयूएसपीपी योजना के अंतर्गत नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए चयनित आदिवासी छात्रों के पूरे प्रशिक्षण शुल्क के तुरंत भुगतान की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी पत्र लिखा है।
अपने पत्र में उन्होंने दावा किया है कि बस्तर की छात्राओं के लिए यूरोपीयन यूनियन द्वारा स्वीकृत 1.666 करोड़ रुपये की राशि राज्य के स्वास्थ्य संचालनालय के पास स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रायपुर के खाता क्रमांक 32384700767 में जमा है। सरगुजा के छात्राओं का प्रशिक्षण शुल्क भी इसी तरह स्वास्थ्य संचालनालय के पास जमा है। ऐसी स्थिति में इन छात्राओं को भटकाने और इन्हें प्रशिक्षण शुल्क न देने से राज्य सरकार के अधिकारियों की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सांसद चौधुरी के पत्र को जारी करते हुए माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने बताया है कि अपने पत्र में उन्होंने मांग की है कि पूरी राशि छात्राओं के खाते में अंतरित की जाए तथा कॉलेजों के प्रबंधन द्वारा हड़पी गई राशि भी उन्हें वापस करवाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि प्रशिक्षण-पश्चात इन छात्राओं को ग्रामीण क्षेत्रों में स्टाफ नर्स के रूप में नियुक्ति दी जाएं।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व ही ये नर्सिंग छात्राएं स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक से मिलने मंत्रालय गई थीं, तो वे बिना मिले भाग खड़ी हुई थीं। मीडिया में हंगामा मचने के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने इन छात्राओं को अपने निवास पर बुलाया था और इनकी समस्याओं से अवगत हुए थे।

*संजय पराते
सचिव, माकपा, छग
(मो) 094242-31650

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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