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जंगली जानवरों का आहार होने नवजात शिशु को छोड़ा जंगल में…

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान के कितना बदल गया इंसान…
इंसान कभी शैतान भी हो सकता है इसमें कोई शक-ओ-सुबह नहीं और जब शैतान हो ही जाए तो उसके अंदर मानवता अथवा दया की स्थान का कोई मोल नहीं। एक ओर छत्तीसगढ़ की राजधानी सहित आसपास के छोटे-बड़े अस्पतालों-नर्सिंग होम्स में अनैतिक सम्बन्धों अथवा नाबालिकों के प्रेमजाल से जन्म लिए बच्चों को लोक-लाज का भय दिखाकर बेचने का मामला उजागर हुआ जिसमे भाजपा और कांग्रेस सरकार के करीबियों का नाम आने से रमन/भूपेश ने अपने कानों में रुई ठूंस लिया है वहीं राजधानी से 150 किमी दूर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की नगरी कवर्धा के जंगल मे सम्भवतः इसी लोकलाज के भय अथवा अवैध सम्बन्ध से जनित एक मासूम के बिलखने की गूंज ने इंसानियत के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ दिया है।
कवर्धा (hct) | कुकदूर थाना अंतर्गत माठपुर के जंगल में जहां लगभग सप्ताहभर पहले जन्म लिए बच्चे को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा रोते-बिलखते जानवरों का आहार बनने छोड़ने की घटना प्रकाश में आई है|
आज के दौर में जहां बहुत दम्पत्ति संतान प्राप्ति के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाते दिखते हैं और मंदिर मस्जिदों में मिन्नते करते ऐसे में यह कृत्य नवजात के जायज़ न होने की ओर इशारा करता है
जंगल से गुजर रहे किसी ग्रामीण के कानों में जब मासूम के रुदन स्वर पड़े तब उसने पास जाकर देखा तो कपड़े में लिपटा हुआ बच्चा जमीन पड़ा हुआ था और आसपास कोई नहीं|  इधर-उधर तलाश करने के बाद भी किसी के नजर नहीं आने पर उसने तत्काल सम्बन्धित थाने की पुलिस को मामले की जानकारी दी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर गांव के लोगों से बच्चे के संबंध में पूछताछ की और उचित जानकारी के अभाव में बच्चे को अपने कब्जे में लेकर उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए कुकदूर अस्पताल ले जाया गया जहां बच्चे की देखभाल की जा रही है जांच में बच्चा स्वस्थ्य पाया गया|
उक्त प्रकरण की सूचना पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन को देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे खोजने में जुट गई है|

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