Chhattisgarh

पुलिसिया लापरवाही का नायाब मामला, सुरक्षा नियमों को धत्ता बताकर आरोपियों संग निजी होटल में उड़ाई बिरयानी पार्टी ! देखिए वीडियो

दल्लीराजहरा पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर…!
सुरक्षा नियमों को धत्ता बताकर आरोपियों संग निजी होटल में उड़ाई बिरयानी पार्टी…!
दल्लीराजहरा टी आई ने कहा मानवतावश कराए भोजन
बालोद। विधानसभा चुनाव के चलते आचार संहिता के दौरान 24 अक्टूबर को चक्का जाम कर बीएसपी कर्मियों को काम में जाने से रोके जाने के कारण दल्लीराजहरा पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां न्यायालय द्वारा इनकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए जेल भेज दिया; न्यायालय के जेल भेजे जाने के बाद आरोपियों के साथ दल्लीराजहरा थाने के कर्मचारी उस वक्त सुर्खियों में आ गए जब समस्त सुरक्षा व्यवस्था को ताक में रखते हुए गंगासागर के निकट एक निजी होटल में वीआईपी ट्रीटमेंट देने के साथ ही भोजन कराया, जिसके उपरांत 7:30 बजे आरोपियों को जेल दाखिला कराया गया।
    ज्ञात हो कि न्यायालय द्वारा जेल दाखिल कराए जाने के आदेश के बाद जिस निर्भीकता पूर्वक खुले-आम पुलिस कर्मी द्वारा आरोपियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। उसको लेकर जहां पुलिस पर सवालिया निशान उठे हैं तो वहीं इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि न्यायालय के आदेश के बाद इन आरोपियों को व्हीआईपी ट्रीटमेंट के लिए ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों को भी आरोपी पक्ष के द्वारा खास बिरयानी पार्टी मुहैया कराया गया था।

देखिए वीडियो :-

     मामले को लेकर दल्लीराजहरा थाना प्रभारी से भी चर्चा किया गया, जिस पर दल्लीराजहरा टीआई, मनीष परिहार को पूरे मामले की जानकारी जब दी गई तो थाना प्रभारी ने बताया कि :- “मानवता के नाते उन्हें भोजन कराया गया होगा लेकिन इस पूरे मामले में मैं पता करके बताता हूँ।”                    कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।
वही इसकी जानकारी बालोद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी दी गई जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जे.आर. ठाकुर ने पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही के संकेत भी दिए।

मामले को लेकर सोशल मीडिया में भी हो रही जमकर चर्चा

बालोद जिले के दल्लीराजहरा पुलिस के द्वारा आरोपियों के साथ हुई बिरयानी पार्टी का वीडियो जब सोशल मीडिया में वायरल हुई तो इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया में भी तरह-तरह के कमेंट्स आने लगे जिसमे पुलिस विभाग के इस हरकत पर भी कुछ लोगो ने सवाल खड़े कर दिए।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने समाचार कव्हरेज करने स्थानीय निजी होटल के बाहर पंहुंचे।आरोपियों के द्वारा भोजन कर बाहर आने पर जब वीडियो बनाया जा रहा था, तो पहले कुछ पुलिसकर्मी अलग हो गए और इस बीच एक कर्मी ने वीडियो डिलीट करने तक कि धमकी दे डाली, जिसकी भी शिकायत थाना प्रभारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को तत्काल मोबाईल के माध्यम से दिया गया जिस पर अधिकारियों ने मामले की जांच करने की बात कहते दिखे…!

गौरतलब है कि इस पूरे मामले को लेकर दल्लीराजहरा पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे हैं कि आरोपियों को जब न्यायालय द्वारा जमानत खारिज कर न्यायिक हिरासत पर जेल दाखिले के आदेश दे दिए थे तो महज 5 पुलिसकर्मी पूरे सुरक्षा को ताक पर रखते हुए आरोपियों को बीच रास्ते मे रोककर बालोद नगर के निजी होटल में आरोपियों को भोजन कराने किसके कहने पर रुके थे ? वहीं इस लापरवाही को लेकर अब पुलिस पर भी सवालिया निशान उठने लगे है।

@सूत्र (आवाम की सोंच)।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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