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Chhattisgarh

लोगो की सेवा करना मुश्किल ही सही पर यह हमारी पहली जिम्मेदारी है : संतोष सिंह (भापुसे)

रायगढ़। देश और दुनिया में कोरोनावायरस से संक्रमण के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, किंतु कुछ बुद्धिजीवियों को छोड़कर इसे अब भी लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और अपने साथ-साथ अपने परिवारजनों तथा आम लोगों की जान-जोखिम में डालने का काम कर रहे हैं।

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक जिनके कंधों पर लोगों की सुरक्षा व कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है वे अपने ड्यूटी पूरी तरह से निभाते हुए अपने घर में छोटे बच्चों और उम्र दराज सास ससुर है का भी ख्याल करते हुए खुद को बाहर वाले में होम आइसोलेट किए हुए हैं, जो आज हर किसी के लिए अनुसरण करने योग्य है ।

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के पुलिस अधीक्षक, आईपीएस संतोष सिंह, अपने छोटे बच्चों और बुजुर्ग सास-ससुर की परवाह कर खुद को होम आइसोलेट किए मुस्तैदी से ड्यूटी करते हुए।

दरअसल इन दिनों पुलिस अधिकारियों का कार्य पहले से काफी बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ संतोष सिंह द्वारा प्रतिदिन कुछ सुरक्षा संबंधी मीटिंग, प्रशासन के साथ राहत कार्यों व लॉक डाउन के उपायों की समीक्षा, रोजमर्रा के कार्य व अन्य विभागों से तालमेल बिठाने के साथ साथ लगातार फील्ड में दौरा कर रहे हैं ताकि पेट्रोलिंग, नाके और अन्य ड्यूटी में लगातार लगे सभी पुलिसकर्मियों को मोटीवेट कर सके। वो रोड पर स्वयं सख्ती के लिए भी उतरते हैं और लोगो से अपील भी कर रहे हैं कि लोग घरों में रहे पुलिसकर्मी उनके लिए बाहर हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पूर्व बुजुर्ग सास-ससुर बनारस (उ.प्र.) से रायगढ़ आए थे जो लाक टाउन दौरान उत्तर प्रदेश जा ना सके और यहीं रुके हुए हैं । उम्र दराज सास ससुर के साथ घर में दो छोटे बच्चे भी हैं । उनका छोटा बेटा जो सिर्फ एक वर्ष का हैं, अपने पापा के देर रात घर मे ड्यूटी से आते ही दूर से देखकर दौड़ कर पास आने के जिद करता हैं। लेकिन वो उससे बचते हुए घर के बाहरी हिस्से के कमरे में चले जाते हैं। पुलिस अफसर फील्ड में रहते हैं, इन दिनों घर में सावधानी न बरती जाए तो परिवारजन पर संक्रमण का खतरा है इसलिए उनके सेहत की परवाह करते हुए पुलिस अधीक्षक ने अपने आवास के एक कमरे में खुद को आइसोलेट किए हुए हैं। वो मानते हैं की पब्लिक ड्यूटी सबसे ऊपर हैं, अगर वो संक्रमित हो भी तो परिवार को उनसे संक्रमण न हो।

इस आईपीएस अधिकारी ने बताया कि यह समय फील्ड के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसवालों व स्वास्थ्यकर्मियों आदि के लिए काफी मुश्किल भरा है। परंतु समाज की सुरक्षा के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा हर किसी की पहली जिम्मेदारी है। पुलिसकर्मियों को ऑफिस, थाना से जाने के बाद परिवारवालों से दूरी बनाकर खुद को होम आइसोलेट करने का प्रयास करें, मुश्किल है पर होगा। उनका कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग में जरा भी लापरवाही ना बरतें और सभी लोगों से इसका पालन करना हमारी ड्यूटी हैं। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ की बताई गई यह बात आज हम सबके लिए अनुसरण करने योग्य है जिससे हम भयावह करोना वायरस से स्वयं को बचाते हुए हम अपने परिवार, अपने समाज और अपने आसपास के लोगों को बचा सकते हैं।

जिले के एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा की पत्नी व छोटी बच्ची लॉक डाउन के पूर्व 2 दिन के लिए रायपुर गए हुए थे, चाहते तो एएसपी. अभिषेक वर्मा अपने पत्नी-बच्ची को रायगढ़ बुला सकते थे किंतु फील्ड अफ़सर होने के नाते जानते हैं कि वे फील्ड, ऑफिस से अपने शासकीय आवास में जायेंगे, इस दौरान छोटी बच्ची पिता के संपर्क में आयेगी जिससे छोटी बच्ची के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव पड़ सकता है इसलिए अपनी अर्धांगिनी को रायपुर में ही अपनी और बच्ची की उचित देखरेख करने की सलाह देकर रायगढ़ आने से मना किये।

पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए नगर निरीक्षक एस.एन. सिंह भी अपने घर के अलग कमरे में होम आइसोलेट किए हुए हैं, उनकी भी एक छोटी बच्ची है। यह अच्छा है कि कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के साथ कई जिले के अन्य बुद्धिजीवियों द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष सावधानियां बरती जा रही है।

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