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पड़ोसी की हत्या करने वाले पति , पत्नी और पुत्र पुलिस हिरासत मे, जमीन विवाद का मामला

दीपक वर्मा, संवाददाता
जशपुर।

जशपुर। पड़ोसी की धारदार हथियार से हत्या करने वाले पति, पत्नी और पुत्र को आस्ता पुलिस हिरासत मे लेकर पूछ-ताछ कर रही है। आस्ता पुलिस से मिली जानकारी मुताबिक मृतक जमीन विवाद को सुलझाने गया था इसी बीच आरोपियो ने मृतक को अपने घर ले जाकर सब्बल और टांगी से सिर और शरीर के अन्य हिस्सो मे ताबड़तोड़ वार कर मौत की नीद सुला दिया।

मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर आस्ता पुलिस 201, 302, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई कर रही है। मृतक की पत्नी ने आस्ता पुलिस को बताया कि गुरूवार को गांव में राम नवमी त्योहार मना रहे थे। मेरा पति मिलन राम दिन भर घर में ही था, पड़ोस के एतवा राम तथा लोहरा राम दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों के बीच जमीन विवाद चल रहा है। गुरूवार कि रात शाम 7 बजे के आसपास हम दोनों पति पत्नि खाना खाकर अपने घर में लेटे हुए थे। उसी समय नंदू राम उसके पिता एतवा राम व उसकी मां नंधपति बाई मेरे पति मिलन राम को बुलाने आये। उस समय मेरा पति उनके घर नहीं गया। लोहरा राम अपने घर में जमीन विवाद को लेकर बड़बड़ा रहा था, उसी समय नंदू राम, लोहरा राम तथा उसकी पत्नि मिनी बाई से झगड़ा करने लगा, तब मेरा पति मिलनराम बीच बचाव करने गया था।
इस दौरान नंदू राम तुम कौन होते हो बीच बचाव करने वाला कहते हुए अपने पिता एतवा राम, माता नंधपति बाई को बुलाकर मेरे पति को पकड़कर अपने घर आंगन ले गये और नंदू राम जोर-जोर से चिल्ला रहा था कुल्हाड़ी, सब्बल लाओ और इसे आज मारना है। आवाज को मैं सुन रही थी। मेरी बड़ी सास मिनी बाई द्वारा उनके घर आंगन जाकर बीच-बचाव करने का प्रयास किए।

नंदू राम के द्वारा उसके दाहिने हाथ के बीच वाला उंगली को कुल्हाड़ी से मारकर चोट पहुंचाया। नंदू राम, एतवा राम तथा नंधपति बाई तीनों मिलकर मेरे पति मिलन राम को कुल्हाड़ी, सब्बल से सिर व चेहरा में मारकर हत्या कर दिये। मैं जाकर देखी मेरे पति के सिर में काफी चोट था, खून निकल रहा था। डर से मैं गांव के लोगों को छुपकर बताने गई और गांव का चमरू राम व लसरू राम को घटना की बात को बतायी। उसी समय तीनों मिलकर मेरे पति के गले में रस्सी बांधकर घटनास्थल से लाश को छिपाने के लिये, गांव के पुलिया के नीचे घसीटते हुए ले जाकर छिपा दिये। सुबह गांव के लोग तथा मैं जाकर देखी, गले में रस्सी बंधा हुआ था तथा अंडर वियर पैर के नीचे ऐड़ी के पास था।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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