कोरोना का नाम सुनते ही लोग ऐसे डर रहे हैं जैसे फ़िल्म शोले में गब्बर का एक डायलॉग था “सो जा बेटा, नहीं तो गब्बर आ जाएगा।” हाथ मिलाना तो दूर लोग पास आने से भी कतराने लगे हैं। और तो और अभिवादन स्वरूप अब यह भी कहा जा रहा है “जय कोरोना दाई” इस कोरोना के कहर से कोई भी नहीं बच पा रहा है। यह वायरस लोगों की जान तो ले ही रहा है इसके अलावा नौकरी पर भी आफत आने लगी है…!

राजधानी (hct)। दुनिया भर में कोरोना वायरस की वजह से कोहराम मचा हुआ है। केंद्र ने कोरोना वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी कर दिया है। इसके साथ ही लोगों के बीच इसे लेकर जागरुकता लाने के निर्देश भी दिए गये हैं। वहीं कोरोना के चक्कर में एक और अधिकारी नप गये।

तीन दिन के भीतर दो अधिकारियों को कोरोना पर गलत अफवाह फैलाने के चक्कर मे सस्पेंड कर दिया गया है।

कलेक्टर के निर्देश पर चारामा के जनपद सीईओ जी०एस० बढ़ई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हे आदिवासी विकास विभाग में अटैच कर दिया गया है। उनका एक पोस्ट जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे व्हाटसएप ग्रुप में कोरोना वायरस को लेकर भ्रम फैलाते नजर आ रहे हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ जी० एस० बढई की अंग्रेजी का ज्ञान भी गजब का है। साहब के लिखे कोरोना वायरस का स्पेलिंग देखकर आप भी हंस पड़ेंगे। सोशल मीडिया में साहब के द्वारा वायरल पोस्ट को कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए अफवाह फैलाने के आरोप में साहब को सस्पेंड कर दिया है।

सीईओ ने पोस्ट किया है कि “ग्राम पंचायत डोकला में कोरोना वायरस 14 मार्च को 11 बजे पहुंचेगा, सावधानी बरतें, वेरी अर्जेन्ट।” यह मैसेज अंग्रेजी में टाइप कर पोस्ट किया गया है। इस ग्रुप में जनपद पंचायत चारामा के जनप्रतिनिधि व जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायत सचिव सहित कई लोग जुड़े हुए हैं।

मैसेज जनपद पंचायत चारामा वाले ग्रुप में जनपद पंचायत चारामा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने ही किया, उनके द्वारा 13 मार्च को रात 9 :11 बजे पोस्ट किया गया है। वहीं ध्यान से देखा जाये तो कोरोना वायरस का स्पेलिंग भी गलत लिखा हुआ है।

आपको बता दें कि इससे पहले कोरोना में मुर्गा खाने को लेकर किये गये एक पोस्ट के बाद कांकेर के नरहरपुर के बीआरसी को भी कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया था।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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