रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निज सहायक ओपी गुप्ता पर यौन प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली किशोरी अपने परिवार के साथ अचानक लापता बताई जा रही है। इस संबंध में किशोरी के परिजन राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक बी एस ध्रुव को पत्र के माध्यम से सूचना देते हुए षड़यंत्र के तहत बड़े घटना की आशंका जताते हुए अपहरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

आवेदनकर्ता किशोरी के बड़े पिताजी ने मीडिया से मुखातिब होकर जानकारी दी है कि पीड़िता और उसके माता-पिता के साथ उसका छोटा भाई का 04 मार्च से लापता है। उनके किसी रिश्तेदार के घर होने की भी जानकारी नहीं मिल रही है। किशोरी के बड़े पिताजी ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने पीड़िता के परिवार को धोखा देकर राजनांदगांव से गायब कर दिया गया है। उन्होंने आंशका जताई है कि परिजनों को डरा-धमका कर बयान वापस लेने या उन्हे प्रताड़ना करने के साथ उनकी हत्या भी की जा सकती है।

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पीए ओ पी गुप्ता पर आरोप है कि वर्ष 2016 से लेकर दिसंबर 2019 तक पीड़िता को पढ़ाने के लिए रायपुर में रखा गया था, इस अंतराल में उसके के साथ अनेक प्रकार से प्रताड़ित करने के साथ दुष्कर्म की भी किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई, जिसकी जानकारी नाबालिक द्वारा अपने परिजनों को दिए जाने के पश्चात पुलिस द्वारा मामले की शिकायत दर्ज की गई थी।

शिकायत के आधार पर 8 जनवरी की रात महिला थाना पुलिस राखी द्वारा कार्रवाई करते हुए ओपी गुप्ता को उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। ओपी गुप्ता के विरुद्ध 376 एवं पास्को एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश पर 16 जनवरी तक उन्हें जेल में रखा गया जिस पर अदालत में मुकदमा जारी है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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