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BIG SCAM : छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा जीएसटी घोटाला।

मे. दधीचि ऑयरन एंड स्टील प्रा.लि. पर जीएसटी इंटेलिजेंस विभाग की कार्रवाई से उजागर।

*अंकित सोनी

राजधानी (hct)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जीएसटी इन्टेलीजेंस विभाग की कार्रवाई से अब तक का सबसे बड़ा जीएसटी चोरी का मामला उजागर हुआ है। इसमें लगभग 400 करोड़ की फर्जी बिलिंग कर 60 करोड़ से अधिक का राजस्व गबन का मामला प्रकाश में आया है।

अब तक के सबसे बड़े जीएसटी घोटाले में केन्द्रीय जीएसटी इंटेलिजेंस विभाग ने में. दधीचि आयरन एंड स्टील प्रा.लि. के डायरेक्टर प्रकाश बिहारी लाल दधीचि को गिरफ्तार किया है। प्रकाश बिहारी लाल दधीचि अपने परिवार के साथ जयपुर फरार होने की फिराक में था। इसी दौरान रायपुर एयरपोर्ट पर केन्द्रीय जीएसटी इंटेलिजेंस विभाग की टीम ने उसे धर दबोचा।

बता दे कि प्रकाश बिहारी के पास से 89 लाख 50 हजार नगदी बरामद किया गया है। इसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। प्रकाश बिहारी लाल दधीचि ने सात से दस अन्य फर्जी कंपनी बनाकर मार्च 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच फर्जी बिल के आधार पर 400 करोड़ रुपए के जीएसटी का गबन किया था।

गौरतलब है कि 31 जनवरी को डीजीजीआई आरजेडयू के अतिरिक्त महानिदेशक अजय कुमार पांडेय के निर्देश पर संयुक्त निदेशक नेम सिंह सहित 100 से अधिक अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में दबिश दी थी। बताया गया कि जीएसटी की टीम ने मेसर्स दधीचि आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और ओडिशा की कंपनियों पर छापामार कार्रवाई की। इसके बाद मध्य भारत के सबसे बड़े जीएसटी घोटाला का खुलासा हुआ है। इतने बड़े जीएसटी कर घोटाला मे 100 से अधिक अफसर कार्यवाही में शामिल थे।

जीएसटी खुफिया विभाग की कई कम्पनियों पर नजर है।

जीएसटी खुफिया विभाग छत्तीसगढ़ के अन्य कारोबरियॉ के ऊपर नजर बनाए हुए है। विभाग द्वारा इस तरह के कर चोरी में लिप्त कारोबरियॉं के उपर कार्यवाही के संकेत मिले है। इसमें मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के लोहा कारोबारियों के ऊपर विभाग की नजर है।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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