हॉस्टल अधीक्षक हुआ सस्पेंड।

रायपुर। राजधानी के आदिवासी विकास विभाग के तहत संचालित पोस्ट मैट्रिक हॉस्टल से रैगिंग का मामले प्रकाश में आया है। रायपुर शहर में रैगिंग की यह दूसरी घटना है, पहली डीडी नगर स्थित हॉस्टल में हुई, दूसरी 16 जनवरी 2020 दिन गुरुवार को पेंशनबाड़ा के हॉस्टल में। डीडी नगर के मामले में हॉस्टल के अधीक्षक महेंद्र कुमार बघेल को सस्पेंड कर दिया गया। पेंशनबाड़ा के मामले में पुलिस ने छात्रों की शिकायत दर्ज कर ली है।

जूनियर छात्रों ने सीनियर पर आरोप लगाया है कि वे रात में आकर उनसे मारपीट करते हैं। नमस्ते नहीं करने या बात नहीं मानने पर भी पीटते हैं। सिटी कोतवाली थाने में जूनियरों ने इसकी शिकायत की है। हॉस्टल के अफसर इस घटना के बाद कुछ कहने से बच रहे हैं। पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इन घटनाओं में छात्र बुरी तरह चोटिल हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम को छात्रों ने अपने चोट के निशान भी दिखाए।

डीडीनगर में रैगिंग की बात सामने आने के बाद इसकी जांच कलेक्टर खुद अपनी देखरेख में करवा रहे हैं। पेंशनबाड़ा के जूनियर छात्रों ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ कॉलेज में फर्स्ट ईयर के छात्र हैं। जिन सीनियरों पर आरोप लगाया गया है उनमें से भी अधिकांश छत्तीसगढ़ कॉलेज में ही पढ़ते हैं। अगस्त महीने से सीनियर लगातार परेशान कर रहे हैं। कई छात्र हॉस्टल छोड़कर जा चुके हैं। हॉस्टल के वार्डन पी. सेनानी ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने मारपीट या रैगिंग को लेकर मुझसे शिकायत नहीं की। यह सूचना मिली है कि कुछ छात्रों ने थाने जाकर मारपीट की शिकायत की है। छात्रों से घटना की जानकारी ली जा रही है। इसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

*विकास जायसवाल,rig24

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

2 thoughts on “महीने भर में रैगिंग का दूसरा मामला। “नमस्ते” नही करने पर सीनियर करते है जूनियर की पिटाई..!”
  1. 🙏🙏Apke kraimtaim samachar achha lga or ham apse judna chahte hai .mai ek chhota. Se gawn ka mera .|| Year mr hu chah hai patrakar banna . thanks….🙏🙏

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