“ननकाना साहिब गुरुद्वारा” में कट्टरपंथियों ने किया पत्थरबाजी।

राजधानी। शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज अदा कर लौट रहे सैकड़ों लोगों की भीड़ ने “ननकाना साहिब गुरुद्वारा” को घेर लिया और पत्थरबाजी की। खबर है कि गुरुद्वारा में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं और तनाव की स्थिति के मद्देनजर घटना स्थल में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात में है। बता दें कि भीड़ की अगुवाई मोहम्मद हसन का भाई राणा मंसूर कर रहा था; और भीड़ को उकसाते हुए यह भी कह रहा था कि – ननकाना साहिब में एक भी सिख न रह जाए; साथ ही ननकाना साहिब का नाम बदलकर जल्द ही “गुलाम-ए-मुस्तफा” रखा जाएगा। उक्त घटना की वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुई है।

यह है वजह।

खबरों के मुताबिक अपनी मर्जी से इस्लाम कुबूल करने और शादी करने वाली युवती को लेकर सिख समुदाय बेवजह हंगामा खड़ा करता है, जबकि मामला यह है कि बीते साल पहले मुस्लिम समुदाय के युवक ने एक सिख युवती का अपहरण कर उसका धर्म परिवर्तन करवाकर उसके साथ निकाह कर लिया था। उक्त आशय को लेकर मोहम्मद हसन के भाई राणा मंसूर का कहना था कि सिक्खों ने युवती को वापस भेजने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा था जो कभी संभव नहीं; क्योंकि उसका धर्म परिवर्तन किया जा चुका है और अब वह मुस्लिम बन चुकी है।

“गुरुद्वारा पर हुए हमले की लेकर प्रतिक्रिया”

एक और जहां भारत में इस घटना की कड़ी निंदा की है वही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से इस मामले को लेकर कड़ी कार्यवाही करने एवं गुरुद्वारा में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है, तो वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोविंदसिंह लोंगोवाल ने कहा कि वह सिक्खों को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं डीएसजीएमसी और अकाली दल, जन्म स्थान ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर हुए हमले के विरोध में चार जनवरी को पाकिस्तानी दूतावास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की बात कही है।

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