Welcome to CRIME TIME .... News That Value...

Chhattisgarh

कांप गया “पंजा”, कुम्हला चुका है “कमल” 24 की सुबह “उगता सूरज”

वार्ड 66 की धड़कन “सबके सुनैय्या; मन्नू भैया”

रायपुर। प्रदेश की राजधानी रायपुर में इस बार नगरीय निकाय चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद बदले परिवेश में जहां एक तरफ दोनों प्रमुख दलों ने पूरे मतदाताओं को रिझाने सोम-दाम (दारू और रुपए) की नीति अपना कर पूरी ताकत झोंक दिया है वहीं राजधानी के दक्षिण विधानसभा में जो भाजपा के दिग्गज पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक बृजमोहन अग्रवाल का गढ़ माना जाता रहा है, नगरीय निकाय में इस बार कांग्रेस और भाजपा को ऐसे कगार पर ला खड़ा किया है जिसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

दक्षिण विधानसभा में ही एक वार्ड है; वामनराव लाखे वार्ड, क्रमांक 66; इस वार्ड में इस बार जहां भाजपा से विश्वजीत साहू मैदान में हैं; वहीं सत्ता दल से कृष्णा सोनकर। निःसंदेह दोनों पार्टियों की ओर से मतदाताओं को रंग-बिरंगे हरियाली से प्रभावित किया जा रहा है। लेकिन; इन दोनों प्रत्याशियों को एक निर्दलीय प्रत्याशी मन्नू विजेता यादव, जिसे उगता सूरज का चुनाव चिन्ह मिला है, ने नाक-ओ चने चबवा दिया है।

मतदाताओं का रुझान

जब से चुनाव प्रचार शुरू हुआ है दोनों ही दलों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने रैली में तामझाम और तमाम ताकत झोंक रखा है; फिर भी मतदाताओं का जो रुख, जो झुकाव है वह केवल और केवल मन्नू विजेता यादव के ही पक्ष में दिख रहा है। इस बात से यही आंकलन लगाया जा रहा है कि एक आम आदमी के साथ हर पल मन्नू यादव का जो जुड़ाव रहा है।

हाईवे क्राइम टाईम ने लोगों का जब मतदाताओं केे मनःस्थिति का आंकलन किया तो 60 प्रतिशत लोगों के जुबान से मन्नू विजेता यादव का ही नाम आया है। एक खास बात तो यह कि मन्नू यादव न तो अपनी रैली में धन बिखेर रहा है और न दारू बहा रहे हैं, और न तो बड़ी-बड़ी डीजे की कानफोड़ू आवाज से दिल की धड़कन बढ़ा रहे हैं, वे बढ़ा चुके हैं तो कृष्णा (कांग्रेस) और विश्वदीप (भाजपा) के दिलों की धड़कन जिससे घबराकर दोनों प्रत्याशियों में गुपचुप बैठक भी होने की जानकारी छनकर आ रही है !
उक्ताशय की लेकर वार्ड के मतदाताओं में कानाफूसी भी हो रही है और फिर भी उनकी जुबान से यही निकल रहा है  कांप गया “पंजा”, कुम्हला चुका है “कमल” 24 दिसम्बर को “उगता सूरज” इन दोनों पार्टियो के लिए एक नया सन्देशा लेकर आएगा कि लोगों को ठगकर नहीं बल्कि काम के बल पर “विजेता” बना जाता है…

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page