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अखबारी कागज का इस्तेमाल, लग सकता है दो लाख रुपये का जुर्माना।

अखबारी कागज में खाद्य पदार्थ परोसने और पैकिंग किये जाने पर लग सकता है जुर्माना।
गरियाबंद (hct)। सिंगल यूज़ पॉलीथिन के बाद अब फूटकर व्यवसायियों पर अखबारी कागज के इस्तेमाल पर कार्यवाही की जा सकती है।
अधिकांश होटल ठेले और खोमचे वाले अपनी सुविधा तथा व्यवसायिक लाभ के लिये अखबारी कागज का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को परोसने और पैकिंग के लिए करते हैं, जबकि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से प्राप्त निर्देशों के अनुसार किसी भी खाद्य को परोसने एवं पैकिंग के लिए अखबारी कागज का उपयोग करने पर 02 लाख तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
खाद्य पदार्थ को अखबारी कागज में परोसना एवं पैक करना एक हानिकारक कृत्य है। यद्यपि खाद्य स्वच्छ दशाओ में बनाया गया हो किन्तु यदि उसे परोसने के लिए अखबार का प्रयोग किया जाता है; तो अखबार की स्याही में उपस्थित हानिकारक रंग उस खाद्य को हानिकारक बना देते है, क्योकि अखबार की प्रिंटिंग में इस्तेमाल की जाने वाली इंक में हानिकारक रंग, रंजक, बाइंडर व अन्य योजक एवं रंग परिरक्षी के साथ-साथ कई प्रकार के रोगजनक सूक्ष्मजीव विद्यमान रहते है जो उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने में सक्षम है। इसका सर्वाधिक प्रभाव वृद्धजनो, वयस्कों, बच्चो के साथ-साथ कमजोर आन्तरिक अंगो वाले एवं प्रतिरक्षा तंत्र वाले व्यक्तियों पर पड़ता है।
अपने निजी लाभ के लिए ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले होटल खोमचे वालो की शिकायत “भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण” के कार्यालय अथवा जिला अस्पताल में की जा सकती है।

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