छग डायसिस के उपाध्यक्ष शमशेर सैमुअल के खिलाफ आईपीसी धारा 420, 511के तहत एफआईआर दर्ज।

  • माननीय उच्च न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए लगाई फटकार।

  • पिथौरा टीआई को आईपीसी धारा 420, 511 के तहत एफआईआर दर्ज करना ही पड़ा।

रायपुर (hct)। महासमुंद जिलान्तर्गत पिथौरा स्थित सेंट पीटर चर्च की भूमि जोकि फ्री लीज की है, जिसे शमशेर सैमुएल पास्टर, सेंटपाल चर्च, मोतीबाग, रायपुर के द्वारा पिथौरा पिथौरा दिलीप कुमार साहू पिता अंकुर साहू, निवास वार्ड क्र. 14 लाखागढ, जिला महासमुंद को, अवैध रूप से विकास करने के बहाने दिनांक 10/05/2015 को 3,00,000 रूपये में बेचकर नगद राशि जिसे छ.ग. डायोसिस के कार्यालय के पास सिविल लाईन रायपुर में प्राप्त किया गया।
आरोपी शमशेर सैमुअल
उक्ताशय की जानकारी प्रकाश में आते ही आपत्ति किये जाने पर श्री शमशेर सैमुएल ने 1,00,000 रूपये नगद श्री दिलीप साहू को वापस दिये तथा 2,00,000 लाख रूपये को चेक क्रमांक 843886 दिनांक 25/05/2017 पंजाब नेशनल बैंक जय स्तंभ चौक, रायपुर शाखा का श्री शमशेर सैमुएल द्वारा श्री दिलीप कुमार साहू को नाम दिया गया तथा 85000 रूपये बाद में जुलाई माह 2017 देने का वादा श्री दिलीप साहू से किया गया। मगर जालसाजी का ज्वलंत उदाहरण देखिए कि दिनांक 31/05/2017 को दिलीप साहू और शमशेर सैमुएल के मध्य तैयार एक इकरारनामा जिसमे यह घोषित करने का प्रयास किया गया कि पिथौरा चर्चभूमि के संबंध कि ये विकास कार्य निरस्त किया गया है तथा अब भविष्य में इस तरह की कोई भी योजना नहीं है, यह मात्र अफवाह है। जिसके माध्यम से शमशेर सैमुएल यह सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे कि किसी तरह का कोई भी लेन-देन उक्त भूमि और भवन के विषय में नहीं हुआ तथा छ.ग. डायोसिस के किसी फंड से कोई लेन देन नहीं हुआ है।
उक्त फर्जीवाड़े को लेकर रायपुर निवासी नितिन लारेंस ने इसकी शिकायत डीजीपी साहब को मिशन की जमीन फर्जी रूप से बेचने के लिए सन 2018 में आवेदन दिया था, किन्तु पिथौरा (महासमुंद) पुलिस ने जांच करके मामले को आपसी सांठगांठ करके खात्मा ख़ारिज कर दिया गया था। जिसकी जानकारी उसके द्वारा पुणे डीजीपी साहब से मिलकर घटना के बारे में अवगत करवाया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत सीआईडी गठित कर डीएसपी उर्वशी साहब को निर्देशित कर जांच करवाया। जांच में छत्तीसगढ़ डायसिस के उपाध्यक्ष शमशेर ने मिशन की पिथौरा स्थित डेढ़ एकड़ जमीन, पिथौरा निवासी दिलीप साहू को दिनांक 10/05/2015 को 3,00,000 रूपये में बेचना पाया गया।
नितिन लारेंस ने “हाईवे क्राइम टाइम” को बताया कि “उक्त मामले में पुलिस मुख्यालय ने एसपी महासमुंद को निर्देशित किया कि तत्काल मामले की गंभीरता के मद्देनजर उक्त सम्बन्ध में आईपीसी धारा 420, 511 के तहत एफआईआर दर्ज करें। लेकिन तत्कालीन एसपी महासमुंद ने पुलिस मुख्यालय के आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया। मेरे द्वारा कई बार एसपीटीआई डीजीपी साहब को रिक्वेस्ट किया कि, साहब; एफआईआर नहीं हो रहा है।
उसके बाद नितिन के द्वारा 4 महीने बाद…
माननीय उच्च न्यायलय का आदेश
सम्बंधित मामले को माननीय उच्च न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया, जिस विचार करते हुए; माननीय उच्च न्यायालय ने
थाना पिथौरा में दर्ज FIR की प्रति
संगीन अपराध को देखते हुए मामला दर्ज करने के लिए एसपी महासमुंद टीआई पिथौरा को निर्देशित किया। जिसमें पाया गया कि आवेदक नितिन लारेंस, अवंति बाई चौक, लोधीपारा, रायपुर के द्वारा प्रस्तुत शिकायत जिसकी जांच श्री जी.एस. कुरूवंशी उप पुलिस अधीक्षक (अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय अटल नगर रायपुर) द्वारा किया गया, जांच पर अनावेदक शमशेर सेमुएल के द्वारा शासन से लिज पर प्राप्त सेन्ट पीटर चर्च पिथौरा की जमीन में अनाधिकृत रूप से दुकान निर्माण के नाम पर सौदा कर दिलीप साहू एवं चर्च के साथ धोखाधड़ी करने का प्रयास किया गया है। अनावेदक का उक्त कृत्य अपराध की धारा 420, 511 भादवि के तहत घटित होना पाया। अब जाकर दिनांक 21/09/19 को रात 9:00 अपराध पंजीबद्ध कर एफआईआर दर्ज किया गया।
अब देखना यह है कि जो पुलिस शमशेर सैमुएल पास्टर, सेंटपाल चर्च, मोतीबाग, रायपुर को बचाना चाह रही थी क्या उसे गिरफ्तार करेगी ?
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