पुलिस अधीक्षक ने विभागीय गरिमा के विपरीत आचरण करने पर की कार्यवाही

*कमल महंत
कोरबा। पुलिस लाईन में पदस्थ 2 पुलिस कर्मी द्वारा बीते 30 अगस्त को सरकारी ठर्रे के ठिकाने से निकलकर सड़क पर आने के बाद जमकर तमाशा किया गया। इस दौरान लोगों ने दोनों पुलिस जवानों का वीडियो व फोटो शूट कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
मामला संबंधित उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पश्चात दोनों पुलिस कर्मियों पर नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर विभागीय गरिमा के विपरीत कार्य आचरण किये जाने का दोषी पाए जाने पर एसपी जितेंद्र मीणा द्वारा कार्यवाही का गाज गिराते हुए उक्त पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
बीते 30 अगस्त यानि कल शराब दूकान से जमकर शराब पीने के बाद नशे में धुत्त तथा बाईक पर सवार दो आरक्षक क्रमशः दीप प्रकाश कोड़े, बेच क्र. 495 एवं
अवधेश कंवर, बेच-161 द्वारा शहर के कोसाबाड़ी चौक के पास सामने से आ रहे एक अल्टो कार को ठोकर मारने के बाद गिर गए तथा दोनों अपने आप को ना सम्हाल पाने की स्थिति में किसी तरह खड़े होकर तमाशा करते हुए पीजी कॉलेज परिसर की और घुसने लगे जहाँ तैनात गार्ड ने उन्हें भीतर जाने से रोक लिया। दोनों आरक्षक के द्वारा की जा रही हंगामे को सुनकर पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी बाहर आकर और वर्दीधारियों के तमाशे को देखते रहे।दोनों पुलिस के जवान इस कदर नशे में धुत्त थे कि उनके कदम ठीक से आगे नही बढ़ पा रहे थे। इस बीच वहाँ उपस्थित लोगों ने उनके हंगामे की फोटो तथा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में भी वायरल कर दिया।
मामला पुलिस के आला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा द्वारा विभागीय गरिमा के विपरीत कार्य आचरण प्रदर्शित करने के कदाचरण का दोषी पाए जाने के मामले में दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें पुनः रक्षित केंद्र में अटैच कर दिया गया है।एसपी के इस कार्यवाही से ड्यूटी के दौरान शराब के शौक़ीन कुछ अन्य पुलिस कर्मियों में भी घिग्घी बंध गई है और हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक द्वारा वर्दी में रहकर शराब सेवन करने वाले उन पुलिस कर्मियों को भी इशारे में संकेत दे दिया गया है कि समय रहते सम्हल जाएं वरना उनके ऊपर भी गाज गिर सकती है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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