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नौकरी लगवाने के नाम से लोगो को ठगकर कानून से बचने किन्नर बनकर छिपता रहा।

F. I . R . की प्रतिलिपि
रायगढ़ जिलान्तर्गत थाना कोसीर के अपराध क्रमांक 35/18 धारा 420 का आरोपी अनिल कुमार टांडेल, पिता स्व० विजय लाल टांडेल, उम्र 21 वर्ष, साकिन पिपरडुला, थाना – सरसींवा, जिला – बलौदाबाजार के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी किया गया था जिसके तहत दिनांक 23/08/2019 को ग्राम पिपरडुला से थाना प्रभारी कोसीर निरीक्षण जे०आर० चौहान, हमराह आरक्षक मुनी अनंत, राजीव मनहर, चालक लक्ष्मी चन्द्रा द्वारा मुखबिर की सूचना पर धर-पकड़ करके गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपी अनिल कुमार टांडेल के विरुद्ध ग्राम बछौरडीह थाना सरसींवा, जिला : बलौदाबाजार में रहने वाले राजेश बंजारे, पिता शिव प्रसाद बंजारे जो कोसीर का मूल निवासी है, जिसके द्वारा शिकायत आवेदन देकर थाना कोसीर में रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि इसके बड़े भाई उत्तम कुमार बंजारे को अनिल कुमार टांडेल ने हृष्टरू सिंगरौली में कोल फील्ड में राजेश की सरकारी नौकरी लगवाने के एवज में 10,00000 ( दस लाख रुपये ) लिया गया था। लगभग 2 वर्ष गुजर जाने के बाद भी अनिल ने नौकरी नहीं लगवाया और न ही पैसा वापस किया।
राजेश बंजारे जब भी अनिल के पास पतासाजी के लिए जाते थे आरोपी अनिल कुमार टांडेल के द्वारा रुपया साहब को दिया हूँ कहते हुए झुठलाते गया और उसके घर जाने पर अनिल इन्हें माँ बहन का गालियां देता रहा। इसी दौरान इन्हें पता चला कि अनिल के द्वारा और भी अनेक लोंगो से नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिया है। अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर न्याय की गुहार लगाने थाना पहुँचा।
पको यह जानकार आश्चर्य होगा कि अनिल टांडेल के द्वारा कई स्थानों से ठगी किया जा चुका था, जिससे बचने के लिए किन्नर का रूप धरकर घुमता था। हैरान कर देने वाली बात तो यह है अनिल के साथ पूरा परिवार इस अवैध वसूली में बराबर का हकदार है और पकडे जाने के डर से पूरा का पूरा परिवार किन्नर बनकर कानून की नजरों से बचने का आसान सा रास्ता अख्तियार कर रखा था।
दूसरों के पैसे में पूरा परिवार खूब मजा किये हैं जब फसने की बारी आई तो बस भाग निकलने की तैयारी में थे। इस मामले में गहराई से जाएं तो 15 से 20लाख रुपये का ठगी किया हुआ है। इस बहरूपिए किन्नर (परिवार) अनिल को नहीं मालूम की कानून का हाथ लम्बे होते है। जिससे बचा नहीं जा सकता और इसी के चलते गुनहगार अनिल और उसका बहरूपिया परिवार पकड़ा गया।

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