ओढ, आमामौरा से मतदान दल की सुरक्षित वापसी।

बुनयादी सुविधा की मांग व नक्सली धमकी का असर।

किरीट ठक्कर
।।गरियाबंद।।
धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र आमामौरा व ओढ से शुक्रवार सुबह मतदान दल हेलीकाप्टर से सुरक्षित लौट आया है।दोनो मतदान केन्द्रों के पीठासीन अधिकारी प्रमोद कुमार साहु व उगेश कुमार मंडावी ने बताया की की आमामौरा मतदान केन्द्र क्रमांक 77 में कुल 17 वोट पडे ! यहां कुल मतदाताओ की संख्या 692 है, मतदान का प्रतिशत 2.45 रहा। वही न ओढ़ में मतदान प्रतिशत 54.98 हुआ है।
विधान सभा चुनाव में यहां 84 प्रतिशत मतदान हुआ था, किंतु लोकसभा मे कम वोट पडे। मतदान दल के कर्मीयों के अनुसार स्थानीय लोगों ने मुलभूत सुविधाओ की मांग को लेकर एक दिन पूर्व ही चुनाव बहिष्कार का निर्णय ले लिया था। इसके अतिरिक्त माओवादीयों की उंगली काटने की धमकी की वजह से भी कम मतदान हुआ, ऐसा माना जा रहा है।
मौसम की खराबी की वजह से मतदान दल को वहां एक दिन और रुकना पडा, मौसम साफ होते ही आज हेलीकाप्टर से सुरक्षित वापसी संभव हो पाई। पीठासीन उगेश कुमार मंडावी ने सीआरपीएफ व पुलिस के जवानों का आभार मानते उन्हे धन्यवाद दिया जिनकी वजह से उन्हे वहां सुरक्षा भी मिली और डर भी खत्म हुआ। मंडावी ने अपना अनुभव बताते हुये कहा की फोर्स के जवानों ने उन्हे एक दिन में सिखाया की जंगलों और पहाडों में तेज कैसे चला जाता है विदित हो की ओड से कई किलो मीटर दूर मतदान केन्द्र 78 आमामौरा के लिए पैदल जाना पडता है।
महासमुंद लोक सभा क्षेत्र के बिन्द्रानवागढ विधानसभा अंतर्गत 6 मतदान केन्द्र आमामौरा, ओढ, कामरभौदी, बडे गोबरा, साहबीन कछार, तथा कोदोमाली अति संवेदनशील मतदान केन्द्र है, जिनके स्थान्तरण का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया है। पुलिस और सीआरपीएफ की तगडी सुरक्षा व्यवस्था से जिले में लोकसभा का चुनाव सफलता पूूर्वक संपन्न हो चुका है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.