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आर एल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का भेंट चढ़ा दलित युवक।

परिजनों का आरोप मामले को दबाये जाने के उद्देश्य से 50 हजार रुपये दिए कथित समाज सेवक ने ?

सन्देहास्पद मौत के कुछ मिनट पहले तक पैर की चोट का इलाज करा रहा युवक स्वस्थ था, इंजेक्शन लगते ही उसकी मौत हो गई, एस पी रायगढ़ से प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग।

*नीतिन सिन्हा

रायगढ़। बीते दिन देर शाम करीब सात बजे जब मेकाहारा अस्पताल में मामूली दुर्घटना में घायल होकर पैर की चोट का इलाज करा रहे मृत युवक के पोस्टर्माटम के दौरान उसके परिजन रायगढ़ एस पी की निगरानी में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर डटे रहे, तब जाकर अस्पताल पहुंचे रायगढ़ एसडीएम ने यह निर्णय लिया कि परिजनों के मांग के अनुरुप मृतक का पोस्टमार्टम फॉरेंसिक जांच टीम के समक्ष परिजनों की उपस्थिति में किया जाएगा। हालाकि मीडिया कर्मियों के इस सवाल का जवाब देते हुए एसडीएम ने साफ मना कर दिया कि पोस्टमार्टम कार्रवाही की वीडियोग्राफी की आवश्यक्ता नही है।
बहरहाल घटना के सम्बंध में अब तक मिली जानकारी यह है कि पुलिस पेट्रोल पम्प के सामने स्थित आर.एल. अस्पताल में भर्ती एक 35 वर्षीय दलित युवक (मरीज़) की मौत गलत इंजेक्शन लगाने से हो गई। युवक की मौत से आहत परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की असंवेदनशीलता से बुरी तरह बिफर गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन औऱ डाक्टर प्रशांत अग्रवाल पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल के सामने हंगामा खड़ा कर दिया। घण्टो असमंजस की स्थिति बनते देखकर अस्पताल प्रबंधन के बचाव में कुछ खबरनवीस और कथित समाज सेवक सामने आ गए जिनमे केवल कारोबारी सुशील मित्तल, भाजपा नेता परिवार के अमित अग्रवाल सहित कई अन्य बिचौलिए हॉस्पिटल प्रबन्धन के तरफ से बातचीत करने लगे। पीड़ितों के बताए अनुसार डॉक्टर प्रशांत अपनी गलती मानने को तैयार नही थे। इसी बीच सुशील मित्तल नामक एक कथित सामाज सेवक ने यह कहकर कि मैं एक समाज सेवक हूँ, इस मामले को और बढ़ाना नही चाहता, मैं अपनी तरफ से तत्कालिक सहायता के रूप में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये की मदद दे रहा हूँ। अब आप लोग पोस्टमार्टम होने दो। इधर पीड़ित परिजन पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के लाख प्रयासों के बावजूद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने देने को तैयार नही थे। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ध्रुव मार्कण्डेय ने भी पहल कर उग्र परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए किसी तरह राजी करवाया।

अस्पताल प्रबन्धन पर गम्भीर लापरवाही का आरोप,दूसरे सुभाष को लगने वाला इंजेक्शन लगा दिया
मृतक के परिजनों की माने तो आर एल अस्पताल में सुभाष नाम के दो मरीज भर्ती थे। उनका कहना है कि मृत्यु के पूर्व जब से वह पैर की चोट का इलाज करा रहा था और आर एल अस्पताल में भर्ती हुआ था तब से लेकर आपरेशन थियेटर में जाने और वापस आने के बाद तक वो तब तक स्वस्थ था जब तक उसे इंजेक्शन नही लगा था। जबकि परिजनों के अलावा वहीं दूसरे प्रत्यक्षदर्शी मरीजों का कहना है कि सन्दिग्ध इंजेक्शन की सिरिंज लगते ही मरीज सुभाष कुर्रे निःचेत होने लगा था। सीरीज हाथो से बाहर निकली भी नही थी कि इस दौरान उसका शरीर ठंडा पड़ने लगा और सम्भवतः उसके दिल की धड़कन बंद होने से मौत हो गई। पत्रकारों के द्वारा घटना के सम्बंध में जानकारी लेने पर यह बातें सामने आई जो बता रही थी कि घटना को लेकर कुछ तो गलत है जिसे अस्पताल प्रबन्धन या तो बताना नही चाह रहा था या छुपाया जा रहा था। इधर पत्रकारों ने के डाक्टर से बात करनी चाही तो उनके द्वारा बात नही करना है ऐसा कहा गया । परन्तु सुभाष कुर्रे की अकस्मात मौत के बाद नाराज परिजनों के हंगामे के बाद डाक्टर प्रशांत ने रटे-रटाये शब्दों में पत्रकारो से बात की। जिसमें उसका कहना था कि मृतक सुभाष कुर्रे 12 मार्च दुर्घटना के दिन से 4 दिनों तक मेकाहारा kgh में इलाज करवाने के बाद 16 मार्च 2019 को उनके अस्पताल में भर्ती हुआ था। तीन दिनों की प्रतीक्षा के बाद 19/मार्च को उसके चोटिल पैर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के पहले और बाद में मृतक की स्थिति सामान्य थी। परन्तु 20 मार्च 2019 को सुबह 7.30 में अचानक उसकी तबियत बिगड़ने लगी। जिसके बाद खुद उसने सुभाष को अटेंड किया, परन्तु सडन कार्डियक अटैक की वजह से उसकी मौत हो गई।
इस कारण से उसने मृतक के परिजनों को पोस्टमार्टम की सलाह दी। डाक्टर प्रशांत के कहे अनुसार उसने किसी भी तरीके के मुआवजे को तरजीह नही दी। जबकि मृतक के परिजनों को सुशील मित्तल के द्वारा 50 हजार रुपये की राशि दी गई।
इधर एक ही वार्ड में दो सुभाष के भर्ती की बात डाक्टर ने स्वीकारी परन्तु सुभाष कुर्रे की मौत के बाद दूसरे सुभाष और आसपास के मरीजों की छुट्टी क्यों कर दी गई, इसका कोई जवाब नही दिया। डाक्टर ने बताया सुभाष की मृत्यु के बाद पुलिस में तत्काल सूचना दी थी। परन्तु पत्रकारों के इस सवाल के जवाब पर वह चुप्पी साध लिए कि यदि आपने पुलिस को सूचना दी थी, तो फिर पीड़ित परिजनों को थाना क्यों जाना पड़ा.घण्टो तक पुलिस उनकी रिपोर्ट क्यों नही लिखी.?
इधर मृतक के परिजन हास्पिटल मे अपनी आप बीती बताते हुऐ कहा कि कोरबा जिला के रामपुर निवासी सुभाष कुर्रे बीते 14 /मार्च/2019 को रायगढ़ आया था। वहां वह अपनी ही मोटर सायकिल से उर्दना के पास गिरकर घायल हो गया था। जिसे मेकाहारा रायगढ में 108 के माध्यम से भर्ती कराया गया था, लेकिन पैर की हड्डी टूट जाने की वजह से उसे 16 मार्च को आर.एल. अस्पताल में ईलाज के लिए लाया गया था। मृतक सुभाष के पैर का ऑपरेशन दिनाक 19/मार्च/2018 को किया गया। उस दिन उसकी तबियत पूरी ठीक थी। घटना के दिन सुबह नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाया गया इसके बाद ही उसकी मौत हो गई। फिर हड़बड़ाए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली टी आई दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए उन्होंने मामले को शांत करवाने का प्रयास किया।

मृतक पर आश्रित बच्चे हुए अनाथ,पत्नी पर परिवार का बोझ

मृतक सुभाष के भाई ने पत्रकारों बताया की मृतक ग्राम पोस्ट-रामपुर थाना करतला जिला कोरबा का रहने वाला था। उसके पीछे उसकी विधवा पत्नी-ईश्वरी कुर्रे दो बच्चे लडका-अनुराग लडक़ी-अलिश और वृद्ध पिता-हेमलाल कुर्रे को पीछे छोड़ गया।वर्तमान में उनके जीवन यापन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। क्योंकि मृतक फ़ोटो या वीडियो ग्राफी के काम से अथवा थोड़ी बहुत खेती किसानी करके परिवार का पालन पोषण करता था।
घण्टों हंगामे के बाद,मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, परिजन फॉरेसिंक टीम और वीडियो ग्राफी के सांथ पोस्टमार्टम करवाने की बात पर अड़े
बहरहाल काफी देर तक घटना की जांच को लेकर मृतक के परिजनों की मांग और हो हंगामे के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा अस्पताल भिजवा दिया गया। जहां सभी अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के अलावा सतनामी समाज रायगढ़ के कार्यकर्ता एवं मीडियाकर्मियों की उपस्थिति में जिला प्रशासन की तरफ से एस डी एम रायगढ़ ने पीड़ित परिजनों की मांग पर मृतक का पोस्टमार्टम फॉरेन्सिक एक्सपर्ट एवं परिजनों की उपस्थिति में वीडियो ग्राफी के सांथ दिनांक 21 मार्च को सुबह कराया जाएगा। इधर केजीएच प्रांगण में यह चर्चा भी गर्म रही कि आर एल अस्पताल प्रबंधन को बचाये जाने के लिए सबंधित व्यक्तियों के द्वारा तमाम तरीके की जुगत (सेटिंग) की जा रही है। जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए मृतक के परिजन पूरी रात समाजिक कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल प्रांगण में डटे रहे।
सिटी कोतवाली मे कार्यवाही के लिऐ आवेदन, जांच अधिकारी इग्नेश्वर यादव ने कहा अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सिद्ध होने पर जरूर गम्भीर कार्रवाही करेगी पुलिस
पोस्टमार्टम के लिए केजीएच आने के पूर्व मृतक के परिजनों ने सिटी कोतवाली पुलिस थाने जाकर घटना के सबन्ध में आर एल अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध लिखित शिकायत दी। जबकि डाक्टर प्रशांत ने यह कहा था कि घटना की सूचना उसने तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस को दी थी। इधर परिजनों की माने तो अस्पताल में उनके विरोध के दौरान कुछ प्रभावशाली लोगों ने खुले आम अपने धन बल और रशुख का इस्तेमाल किया। जिसे देखकर सहसा उन्हें यह लगने लगा कि हमारे विरोध का किसी पर कोई प्रभाव नही पड़ रहा है। हमारे भाई की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग नकारखाने की तूती न बन जाये। परन्तु ठीक समय पर मानवाधिकार संगठन और सतनामी समाज के अलावा कुछ संवेदनशील पत्रकारों का सांथ मिला तो हमारी विरोध की शक्ति वापस आई। पीड़ित के भाई ने साफ शब्दों में कहा कि उनका अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध उचित दण्डात्मक कार्रवाही के लिए किसी भी स्तर की कानूनी या सामाजिक लड़ाई लड़नी पड़े वो तैयार रहेंगे। वे मीडिया कर्मियों के सामने 500 रुपये के एक उस बंडल को लहराकर दिखाते हुए बोल रहे थे कि यह रकम हमे निरीह लाचार समझते हुए तथाकथित जमज सेवक सुशील मित्तल ने दी है। जिसे मैं हाँथ नही लगाऊंगा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आप मीडिया कर्मियों के समक्ष यह रकम और अपनी तरफ से कुछ और जोड़कर अस्पताल प्रबन्धन या समाज सेवक को वापस भी करूँगा। यद्यपि हम कोरबा जिले के रहने वाले है परन्तु रायगढ़ जिले के नवपदस्थ एस पी साहब की सहृदयता और संवेदनशीलता की बहुत सी बातें हमने सुनी है, मुझे पूरा विश्वास है कि उनके रहते मृतक सुभाष कुर्रे प्रसङ्ग में निष्पक्ष जांच होगी।
इधर मीडिया कर्मियों के सामने सिटी कोतवाली में पदस्थ अनुभवी और तेज तर्रार जांच अधिकारी इग्नेश्वर यादव ने भी साफ कह दिया है कि मामले को लेकर कितना भी प्रभाव का इस्तेमाल लोग कर लें पुलिस घटना का सच सामने लाएगी। प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही या दोष प्रमाणित होता है तो उनके विरुद्ध भी लड़ी कार्रवाही से कोई गुरेज नही किया जाएगा।
होली के दिन मृतक का पोस्टर्माटम हुआ, विड्योग्राफी के सांथ बाहर समाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार डटे रहे
घटना के दूसरे दिन दिनांक 21 मार्च 2019 को मृतक सुभाष कुर्रे के परिजनों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम की कार्रवाही किया जाना था। चूंकि बीते शाम एसडीएम भागवत जायसवाल ने स्वयं अस्पताल उपस्थित होकर मृतक के परिजनों से लिखित ज्ञापन लेते हुए आश्वासन दिया था कि कल प्रशासन के द्वारा गठित फोरेंसिक टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा जिसकी बाकायदा वीडियोग्राफी भी होगी। इस तरह मृतक सुभाष कुर्रे के शव का पोस्टमार्टम सुबह करीब 10 बजे उसके परिजनों की उपस्थिति में जिला प्रशासन की गठित फोरेंसिक टीम के द्वारा करवाया गया। जिसकी विड्योग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम के दौरान kgh अस्पताल में मृतक के परिजनों के सांथ समाजसेवक मानवाधिकार कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पुलिस और पत्रकार डटे रहे । दोपहर बारह बजे के आसपास पोस्टमार्टम की प्रक्रिया सम्पन्न हुई। जिसके बाद मृतक का बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया। इधर देर शाम तक आर एल अस्पताल प्रबन्धन के द्वारा प्रकरण से जुड़ी खबरें और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें भी तेज होने की खबरें मिल रही है। बनिस्पत इस प्रयास के कुछ समर्पित पत्रकार अस्पताल से छुट्टी में भेजे गए दूसरे सुभाष की खोजबीन के लग गए है। इधर सतनामी समाज के प्रदेश कार्यकर्ता और कांग्रेस से जुड़े समाज के जनप्रतिनिधि घटना की निष्पक्ष जांच को लेकर प्रदेश के मुखिया के समक्ष पीड़ित परिजनों को लेकर जाने की तैयारी में है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा पीड़ित परिजन अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध न्याययिक लड़ाई की मंशा बना चुके हैं। मृतक की क्रियाकर्म के बाद वे पुलिस रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय में प्रकरण लगाएंगे।
*क्या कहते है मानवाधिकार कार्यकर्ता*
“हमे जैसे ही घटना की जानकारी लगी हम तत्काल आर एल अस्पताल पहुंच गए हमने पीड़ितों की मांग का पुरजोर समर्थन किया। अस्पताल प्रबंधन की तानाशाही के विरुद्ध आवाज बुंलद की आगे भी जहां भी हमारी जरूरत पड़ेगी हम पीड़ित परिजनों के सांथ खड़े होंगे”
*प्रदीप श्रृंगी*
*सतनामी समाज रायगढ़ ने भी मृतक के परिजनों का भरपूर सहयोग किया*
आर एल अस्पताल प्रबन्धन की लापरवाही के चलते सतनामी समाज के युवक सुभाष कुर्रे उम्र (36) निवासी रामपुर कोरबा की मौत के न्यायिक जांच की मांग को लेकर रायगढ़ सतनामी समाज के अध्यक्ष लीलाधर बानू खूंटे और अन्य कार्यकर्ता भी खुलकर सामने आए। समाज के सक्रिय पहल पर जिला प्रशासन और रायगढ़ पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति में वीडियो ग्राफी सहित पोस्टमार्टम की कार्यवाही किये जाने की मांग मानी। आज दिनांक 21/मार्च/2019 को सुबह 10 बजे मृतक का वायदे के अनुरूप विधिक तरीके से पोस्टमार्टम मेकाहारा अस्पताल में प्रारम्भ किया गया। जहां समाज के युवा अध्यक्ष लीलाधर बानू खूंटे अपने कार्यकर्ताओं के सांथ बिसरा सुरक्षित रखे जाने तक डटे रहे।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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