Chhattisgarh

अपने आप को पाक साफ बता कर अवैध वसूली में माहिर हैं मस्तूरी पुलिस।

रात्रि गस्त को लेकर क्षेत्र में उठ रहा सवाल, थाने से कुछ दूरी पर हुई दुकान में चोरी।

चोरी की घटना को लेकर व्यापारी संघ में जताई नाराजगी।
 
गाँजा और मवेशी तश्करी जैसे कई मामले में हो निष्पक्ष जांच जिसकी पुलिस विभाग के आला अधिकारी ले गोपनीय रिपोर्ट।

मस्तुरी। भुपेश सरकार के आते ही किसान; आम जनता में काफी उत्साह का माहौल हैं, सांथ ही कांग्रेस सरकार से लेकर पुलिस महानिदेशक तक समय-समय पर पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते आ रहे हैं कि आम जनता और पुलिस के बीच की दूरियों को कम किया जाए। पुलिस अधिकारी – कर्मचारी अपने दायित्वों को समझे और आम जनता के बीच एक पारिवारिक माहौल बनाए, लेकिन इन दिनों मस्तूरी थाना के टीआई डी के कुर्रे का कारनामा आलाधिकारियों के फरमान को तार-तार कर रहा है।
आम जनता, व्यापारी, ग्रामीण, किसान हर वर्ग इनके दहशत से भयभीत हैं, छोटे-छोटे मामलों में बड़ी-बड़ी धाराओं का गिनती गिनाते हैं। यहां तक कोई पारिवारिक विवाद हो उसे इनके द्वारा इतना बड़ा करवा देते हैं की पारिवारिक हिंसा का बड़ा रूप ले लेता है। ऐसे मामलों में सामंजस्य बनवाने की बजाए एक-दूसरे के दुश्मन हो जाते हैंं।
डी के कुर्रे का कार्यकाल ही अब तक के बड़ा विवादित कार्यकाल है। इन्होने गाँजा तश्करी वाले मामले में खूब वाहवाही लुटाया जिन पुलिस कर्मियों को ईनाम मिलना चाहिए उन्हें लाईन हाजिर किया गया और जिसे सजा मिलनी चाहिए वो खूब माल कमाया और वाहवाही भी लुटा रहा हैं !
मवेशी तश्करी वाला मामला भी डी के कुर्रे के कार्यकलापों को कटघरे में लाकर छोड़ दिया है। 17 मवेशी तश्करी को मात्र दो लोंग अंजाम देते हैं बड़ा ही आश्चर्य चकित मामला है। वही सूत्र बताते हैं कि पर्दे की कहानी कुछ और है। तश्कर 2 नही 13 लोग थे; जिसमें 11के ऊपर मेहरबानी कर इसलिए छोड़ा गया क्योंकि उन्होंने अच्छी खासी चढ़ावा दिया था।
ऐसे दर्जन भर से ज्यादा मामला हैं जिसे पुलिस विभाग के आला अधिकारियों द्वारा मस्तूरी क्षेत्र से गोपनीय रिपोर्ट लेना चाहिए और ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। जो पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को गुमराह कर मालामाल हो रहा हैं और निर्दोष पुलिस कर्मचारी; जो अच्छा काम को अंजाम दे रहे हैं उनके ही खिलाफ कार्यवाही करवा रहा है।
वही हाल ही में मस्तूरी थाना से महज 200 मीटर की दूरी और बिलासपुर मस्तूरी मुख्य मार्ग में स्थित शिव ट्रेडर्स में दो दिन पहले रुपये के साथ समान अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया। दुकान संचालक महेश गुप्ता मस्तूरी थाने में चोरी की रिपोर्ट लिखवाने के लिए दो दिनों से थाने का चक्कर काटने पर मजबूर कर दिया मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया।
दुकान संचालक के अनुसार रोज की तरह दुकान बंद कर रात्रि 9 बजे अपना घर चला गया चोरी का वारदात बुधवार की रात को हुआ है और सुबह ही मस्तूरी थाने पहुच कर चोरी का रिपोर्ट दर्ज कराने पहुचा, लेकिन 24 घण्टे बीत जाने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज नही हुआ और न ही दुकान  का मुआयना नही किया गया और ना ही  संचालक से जानकारी लेने भी नही पहुचे। चोरी की घटना को लेकर व्यापारी संघ में नाराजगी जाहिर कर रहे घटना और कुछ लोगो द्वारा चोरी की रिपोर्ट थाने में नही लिखने पर शोसल मीडिया का सहारा लेने लगे ऐसे में मस्तूरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रही है।
व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र में कई बार आसपास में चोरी का वारदात बढ़ते जा रहा हैं लेकिन पुलिस हाथ पकड़ कर बैठे हुए है और न ही चोरो की पतासाजी में कोई दिलचस्पी नही दिखा रहे हैं। चोरी की घटना को देखते हुए व्यापारी संघ ने बैठक कर पुलिस अधीक्षक और आई जी के पास जा कर शिकायत करने की बात कह रहे है।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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