*किरीट ठक्कर।

गरियाबंद। जिले के छुरा विकासखण्ड के ग्राम सेम्हरापानी के किसान ओंकार सिंह ठाकुर के घर तीन अंजान व्यक्तियों ने कार से पहुंचकर ओंकार सिंह को बताया की वे कंपनी प्रोडक्ट का प्रचार कर रहे हैं, जिसके तहत दौ सौ रुपये का कुपन खरीदने पर एक मोबाइल फोन, एक रुम कुलर , और एक ईंडेक्सन चुल्हा मिलेगा। ओंकार ने दो सौ रुपये देकर कुपन खरीदा और उसे प्रचारकर्ताओ ने तीनो सामान दिया, फिर तीनों अंजान कंपनी प्रचारकों ने ओंकार से दो और कुपन खरीदने पर फ्रिज मिलने की बात कही, बस फिर क्या था ओंकार ने दो और कुपन ले लिए…
ठगों द्वारा ओंकार सिंह को दिया गया सामान।
जिसके बाद अंजान युवको ने ओंकार से फ्रिज भिजवा देने की बात कही और उसका आधार कार्ड बैंक खाता नंबर व मोबाइल नंबर ले गये। तीन दिनो के बाद ओंकार के मोबाइल पर काल आयी और उसे बधाई देते हुये बेहद लक्की आदमी बताया गया, उसे बताया गया की उसका फ्रिज भिजवाया जा रहा है साथ ही उसने जो कुपन खरीदा था उस पर बारह लाख रुपये की कार , फंस गयी है, कार लेने कब आ रहे हो ?
ओंकार सिंह ने उनसे कहा की कार की बजाये मुझे नगद रकम दे दी जाये, कंपनी प्रचारक इसके लिये मान गये, किंतु उन्होने ओंकार से कहा की उनके खाते में जी एस टी की रकम डाल दिजिये। ओंकार सिंह झांसे में आ गया और लेट फीस सहित एक लाख बीस हजार रुपये मोहम्मद सलीम मेमन के स्टेट बैंक खाते क्रमांक 364456683307/0031095 में जमा कर दिये। इसके बाद भी ओंकार के मोबाइल पर 9661256898 से काल कर पन्द्रह हजार और डालने के लिए फोन किया जा रहा है।
इतना सब होने के ओंकार को एहसास हुआ की उसे ठग लिया गया है।
अब ओंकार सिंह ने छुरा पुलिस थाने पहुंच रिपोर्ट दर्ज करायी है।
थाना प्रभारी के०के० वर्मा ने इस मामले में साइबर सेल को पत्र प्रेषित कर तहकीकात (ट्रेस) के लिए लिखा है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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