रायपुर। मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल ने पहली प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा पत्र के अनुसार अपनी बातों को रखा।
नक्सलवाद पर बेहद सधा हुआ जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि गोली दोनों ओर से चल रही है। नक्सली समस्या के समाधान हेतु पीड़ित आदिवासियों से बात करूंगा। पिछली सरकार होती तो आज भूपेश शहरी नक्सली माने जाते और जन सुरक्षा कानून में बंद हो जाते।
दरअसल प्रदेश की नक्सली समस्या एक बड़ी समस्या है और इसे लेकर कांग्रेस की सरकार गंभीर नजर आ रही है और नक्सलियों की समस्या का समाधान ऐसे नहीं हो सकता।
झीरम घाटी की घटना की जांच को लेकर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की राय के अनुसार ही किया जाएगा। भूपेश बघेल ने साफ किया कि नक्सली समस्या का समाधान बिना ग्रामीणों के सहयोग के नही हो सकता है।
बदलाव तो आया है। अब एक ही मांग है। हर मुठभेड़, सरेंडर, गिरफ्तारी की जांच हो। कल्लूरी जैसे अफसर जेल भेजे जाएं।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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