अमित मंडावी
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कांकेर। इन दिनों कोरोना काल में आम से लेकर ख़ास वर्ग भी कोरोना के नाम से ख़ासा परेशान है। तकरीबन ०२ महीनों से चल रहे लॉकडाउन के चलते मजूदर किसान छोटे-मोटे व्यापरियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। ऐसे में कोरोना से जूझ रहे लोगों को बिजली विभाग ने बिजली बिल का ऐसा झटका दिया है कि लोग बिजली का बिल देखकर ही करेंट के झटके कहा रहे है। कांकेर बिजली विभाग ने बिना मीटरों की रीडिंग किये उपभोक्ताओं को मार्च अप्रैल माह का भारी भरकम बिल मैसेज कर भुगतान करने की बात कही रही है।

उपभोक्ताओं को मिले भारी भरकम बिल के मैसेज मिलने के बाद उनकी नींदें हराम हो चुकी है और उस बात की जानकारी लेने के लिए बिजली विभाग चक्कर काट रहे है जहा १०० मीटर दूर स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में पाजिटिव मरीज मिलने के घटना के बाद बिजली विभाग में भी एक्के दुक्के कर्मचारी ही नजर आ रहे जिसके चलते उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड रहा है।

दो महीनों का एक साथ बिल दिए जाने पर आम उपभोक्ताओं का कहना है की राज्य सरकार ने एक निशिचत खपत पर बिजली हाफ़ करने की योजना चला रखी है, लेकिन इस संकटकाल में जिस तरह हजारों का बिल उपभोक्ताओं को थमा जा रहा है उससे उनकी जेबे साफ़ हो रहे है जबकि कोरोना काल अभी लोगों का कामकाज पुरी तरह प्रभावित है साथ पिछले महीने का किये गये भुगतान बिल का हिसाब साफ़ तौर पे विभाग नही दे पा रही है; इस संकट के घड़ी में अगर सरकार उनकी मदद नही करती तो उपभोक्ता फ़ोरम में अपनी गुहार लगायेगे।

भारी भरकम बिल पर लोगों की शिकायतों पर विभाग के कनिस्थ यंत्री का कहना है की कोरोना लॉक डाउन में सभी लोग घरों में है जहा इकुमेंट का दिनभर उपयोग कर बिजली खपत की गई है जिसके कारण इतना बिल इस माह दिया गया कुछ लोग बेवजह शिकायत करते है लेकिन जिनके बिलों में खामी होगी उसे दूर किया जाएगा बिना मीटर किये भारी भरकम बिल दिए जाने से आम उपभोक्ता की नारजगी तो जायज है लेकिन बिजली विभाग इस महामारी में भी उन्हें भारी भरकम बिल का झटका दे उनकी परेशानियों को दुगना करने में कोई कसर नही छोड़ रही है

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